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Aortic Surgery में Heart Valve बचाने से मिल सकते हैं बेहतर रिजल्ट..

New study reveals that preserving the heart valve during aortic surgery can lead to better outcomes.New study reveals that preserving the heart valve during aortic surgery can lead to better outcomes.

New study reveals that preserving the heart valve during aortic surgery can lead to better outcomes.

दिल की बड़ी नस यानी महाधमनी से जुड़ी सर्जरी को लेकर एक नई रिसर्च देखने को मिली है। अध्ययन में पाया गया है कि अगर Aortic Surgery के दौरान मरीज के प्राकृतिक Heart Valve को सुरक्षित रखा जाता है तो लंबे समय में इसके बेहतर रिजल्ट देखने को मिल सकते हैं। इससे मरीज की जीवन की गुणवत्ता भी बेहतर हो जाती है और कुछ रिस्क का खतरा भी काम हो जाता है।

Aortic Surgery के दौरान Heart Valve को ko बचाना क्यों है खास?

हार्ट में Aorta शरीर की सबसे बड़ी धमनी होती है जो दिल से पूरे शरीर में खून का संचार करती है जब इसमें कोई गंभीर समस्या आ जाती है तो सर्जरी की जरूरत हो जाती है। कहीं मामलों में पहले खराब वाल्व को हटाकर कृतिम् वाल्व को लगाया जाता है। लेकिन नई रिसर्च बताती है कि अगर मरीज की स्थिति इसके अनुकूल हो तो प्राकृतिक Aortic valve कुछ सुरक्षित रखना इस फायदेमंद होता है।

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इसकी स्टडी में क्या सामने आया?

इसके अध्ययन में रिसर्च करने वाले लोगों ने पाया कि जिन भी मरीज की Aortic Surgery हुई है उनका सर्जरी के दौरान अपना हार्ट वाल्व सुरक्षित रखा गया है जिससे उसमें लंबे समय तक अच्छे हेल्थ रिजल्ट देखने को मिलेहैं। ऐसे मरीजों में दिल की कार्य क्षमता बेहतर बनी रहती है और कृत्रिम वालों से जुड़ी समस्याओं का रिस्क भी कम हो जाता है। यह तरीका खास तौर पर उन मरीजों के लिए लाभदायक है जिनका प्राकृतिक वाल्व अभी भी ठीक से काम कर रहा है।

कृत्रिम वाल्व की तुलना में क्या हैं अब फायदे?

हृदय में कृत्रिम हार्ट वाल्व लगाने के बाद कई सारे मरीजों को लंबे समय तक ब्लड थिनर की दवाई लेनी पड़ती है साथ ही समय के साथ कृत्रिम बल्ब खराब होने का भी खतरा होता है। जिस कारण दोबारा सर्जरी की जरूरत भी पड़ती है वही प्राकृतिक वाल्व सुरक्षित रहने से इन समस्याओं की संभावना काफी हद तक काम हो जाती है हालांकि यह हर मरीज पर लागू नहीं होता है।

हर मरीज के लिए यह विकल्प नहीं है

डॉक्टर के मुताबिक सभी मरीजों में हार्ट वॉल को सुरक्षित रखना संभव नहीं हो पता है यह इस बात पर निर्भर होता है कि वाल्व कितना स्वस्थ है महाधमनी की समस्या कितनी गंभीर है और मरीज की उम्र क्या है यह उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। इसलिए सर्जरी का तरीका हमेशा कार्डियक सर्जन से पूरी जांच करने के बाद ही निर्धारित होता है।

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इसपर मरीजों के लिए क्या है सीख?

इस स्टडी से पता चलता है कि जहां संभव हो वहां प्राकृतिक हार्डवेयर को बचाने वाली सर्जरी लंबे समय के बेहतर विकल्प के तौर पर साबित होती है हालांकि किसी भी मरीज को इलाज का फैसला खुद नहीं देना चाहिए सही उपचार का चुनाव डॉक्टर की सलाह मेडिकल जांच और मरीज की स्थिति पर ही निर्धारित होता है।

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