सतना-मैहर में धार्मिक एवं इको-टूरिज्म को नई गति, 445 करोड़ के बजट से 177 किमी टू-लेन रोड नेटवर्क बनेगा

New impetus to religious and eco-tourism in Satna-Maihar

New impetus to religious and eco-tourism in Satna-Maihar: सतना और मैहर जिलों में धार्मिक पर्यटन तथा इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। चालू वित्तीय वर्ष के बजट में लोक निर्माण विभाग के तहत कुल 445.3 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी मिली है, जिसके माध्यम से लगभग 177.45 किलोमीटर लंबा टू-लेन रोड नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इस योजना का मुख्य फोकस मझगवां वन क्षेत्र के प्रमुख आध्यात्मिक और पौराणिक स्थलों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ना है, जिसमें धारकुंडी (परमहंस आश्रम), सुतीक्ष्ण आश्रम, सरभंगा आश्रम, सिद्धा पर्वत और अश्वमुखी मंदिर शामिल हैं। ये सभी स्थल प्राकृतिक सौंदर्य, शांति और रामायण काल से जुड़े धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध हैं, जहां दूर-दूर से श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं।

इस परियोजना के तहत प्रमुख मार्गों का उन्नयन

  • सतना-चित्रकूट स्टेट हाईवे-11 से रामपुर चौरासी, हाटी, जैतवारा होते हुए धारकुंडी तक की 52 किमी सड़क को टू-लेन में अपग्रेड करने के लिए 125 करोड़ रुपये।
  • सतना-समेरिया-धारकुंडी मार्ग के 17.40 किमी के लिए 34.80 करोड़ रुपये।
  • अश्वमुखी से सिद्धा पर्वत तक 1 किमी सड़क के लिए 1.50 करोड़ रुपये।

इन सड़कों के बनने से इन स्थलों को फोर-लेन सतना रोड के जरिए धर्मनगरी चित्रकूट से भी सीधी और सुगम कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे न केवल श्रद्धालुओं की यात्रा आसान होगी, बल्कि इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं भी खुलेंगी। क्षेत्र में पर्यटन बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और प्राकृतिक-सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा। यह पहल सतना-मैहर को मध्यप्रदेश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन सर्किट का हिस्सा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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