New case of digital arrest in Rewa: रीवा जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सलैया निवासी पवन कुमार तिवारी साइबर ठगों के डिजिटल अरेस्ट स्कैम का शिकार हो गए। ठगों ने व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल कर खुद को महाराष्ट्र पुलिस पूना से का अधिकारी बताया और दावा किया कि उनका बेटा जेल में बंद है।
फ्रॉड ने बेटे की गिरफ्तारी का झांसा देकर रोने की आवाज सुनाई और उसे रिहा करने के नाम पर लाखों रुपये की मांग की। हड़बड़ाहट और डर में पवन तिवारी ने बिना ज्यादा सोचे-समझे ठगों के बताए बैंक अकाउंट में 15,000 रुपये तुरंत ट्रांसफर कर दिए। लेकिन पैसे देने के बाद भी ठग बार-बार और रकम की मांग करते रहे, जैसे बाद में 25,000 रुपये की अतिरिक्त डिमांड की गई।
जब ठगी का शक हुआ, तो पीड़ित ने तुरंत बैकुंठपुर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित पवन तिवारी ने बताया कि ठग पुलिस की वर्दी में नजर आए, तीन स्टार लगे थे और घंटों तक फोन पर डराया-धमकाया। उन्होंने बेटे की जमानत के नाम पर ऑनलाइन पैसे डालने का दबाव बनाया।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। साइबर क्राइम की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल या वीडियो कॉल पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। किसी को भी बिना सत्यापन के पैसे ट्रांसफर न करें, खासकर जब कोई खुद को पुलिस या CBI अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट का दावा करे।यह घटना हाल ही में सामने आई है और रीवा सहित पूरे मध्य प्रदेश में साइबर ठगों की सक्रियता को दर्शाती है।
