MP: नक्सली हिडमा को ‘शहीद’ बताने पर युवक गिरफ्तार

Youth arrested in MP for calling Naxal Hidma a martyr in social media post

Post on Martyr Hidma: खूंखार नक्सली हिडमा को शहीद बताने वाले व्यक्ति पर आखिरकार कार्रवाई हुई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अपने पोस्ट के जरिए इस शख्स ने शहीद जवानों की शहादत का अपमान किया और उनके परिजनों सहित पूरे देश की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है।

Post on Martyr Hidma: दुर्दांत नक्सली कमांडर माडवी हिडमा की मौत पर उसे ‘शहीद’ और ‘बस्तर का शेर’ बताते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की इस हरकत से नक्सली हमलों में शहीद हुए सुरक्षाबलों के परिवारों की भावनाएं आहत हुई हैं। गुरुवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया।

क्या है पूरा मामला?

बालाघाट के भरवेली थाना क्षेत्र के मंझारा गांव निवासी सत्येन्द्र इनवाती (उम्र करीब 30 वर्ष) ने 20 नवंबर की रात करीब 10:30 बजे अपने वॉट्सऐप स्टेटस और फेसबुक पेज ‘बिरसा ब्रिगेड भारत’ पर विवादास्पद पोस्ट डाली। पोस्ट में माडवी हिडमा को “मास्टरमाइंड शहीद”, “बस्तर का शेर” और “लाल सलाम” जैसे शब्दों से महिमामंडित किया गया था। हिडमा की हाल ही में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मौत हो गई थी।

नागरिकों ने दर्ज कराई शिकायत

पोस्ट वायरल होने के बाद 26 नवंबर को स्थानीय नागरिक अखिलेश मंडलेकर सहित कई लोगों ने भरवेली थाने में लिखित शिकायत की। शिकायत में कहा गया कि हिडमा ने दर्जनों नक्सली हमलों की साजिश रची और सैकड़ों निर्दोष नागरिकों व जवानों की हत्या कराई। ऐसे खूंखार नक्सली को हीरो बताना न केवल गलत संदेश देता है, बल्कि शहीद जवानों के परिजनों को गहरा आघात पहुंचाता है।

साइबर सेल की जांच में खुलासा

शिकायत मिलते ही भरवेली पुलिस और जिला साइबर सेल ने संयुक्त जांच शुरू की। फेसबुक से तकनीकी जानकारी जुटाई गई, जिसमें पुष्टि हुई कि विवादित पोस्ट सत्येन्द्र इनवाती की आईडी से ही अपलोड की गई थी। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

हिडमा के खिलाफ क्या है रिकॉर्ड?

सीएसपी वैशाली सिंह कराहलिया ने बताया कि माडवी हिडमा छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में सबसे खतरनाक नक्सली कमांडरों में से एक था। वह 100 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की मौत के लिए जिम्मेदार था और कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड रहा। ऐसे व्यक्ति के समर्थन में पोस्ट डालना राष्ट्र-विरोधी गतिविधि की श्रेणी में आता है।आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196(1) (राष्ट्र-विरोधी प्रचार) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की जांच कर रही है कि आरोपी का नक्सली संगठनों से कोई सीधा संपर्क तो नहीं था।

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