MP Open Jail for Women Prisoners: मध्य प्रदेश में महिला बंदियों के लिए एक महत्वपूर्ण सुधारात्मक कदम उठाया जा रहा है, जहां अब उन्हें भी खुली जेल में रहने का अवसर मिलेगा। अभी तक नियमों के कारण यह सुविधा केवल पुरुष बंदियों तक सीमित थी, लेकिन जेल महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर द्वारा तैयार प्रस्ताव के तहत जेल मैन्युअल में संशोधन किया जा रहा है, जिसे जल्द लागू किया जाएगा।
MP Open Jail for Women Prisoners: मध्य प्रदेश की जेल व्यवस्था में सुधारात्मक दिशा में बड़ा कदम उठने जा रहा है। अब महिला बंदियों को भी खुली जेल में रहने का अवसर मिलेगा, जो पहले नियमों के कारण केवल पुरुष बंदियों तक सीमित था। यह जानकारी जेल महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर ने ग्वालियर सेंट्रल जेल में आयोजित शांति संदेश कार्यक्रम के दौरान दी।
शांति संदेश कार्यक्रम में की गई घोषणा
ग्वालियर केंद्रीय जेल में सुधारात्मक सेवाओं के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में जेल महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर ने प्रदेश की जेलों में चल रहे नवाचारों की जानकारी साझा की। इस अवसर पर नाभा द्वाराचार्य पीठाधीश्वर स्वामी सुतीक्ष्णदास देवाचार्य महाराज भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बंदियों को आध्यात्मिकता से जोड़ना और सुधार की भावना जगाना था। स्वामी सुतीक्ष्णदास महाराज ने अपने संबोधन में कहा, “घृणा अपराध से होनी चाहिए, अपराधी से नहीं।” इससे बंदियों में सुधार की प्रक्रिया को बढ़ावा मिलता है।
महिला बंदियों के लिए सबसे बड़ा नवाचार
डॉ. वरुण कपूर ने बताया कि प्रदेश में महिला बंदियों के लिए सबसे बड़ा नवाचार तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (जो जेल विभाग के प्रभारी मंत्री भी हैं) की सोच के अनुरूप सुधारात्मक व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “अब तक नियमों के कारण महिला बंदियों के लिए खुली जेल में रहना प्रतिबंधित था, लेकिन अब इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसे जल्द ही लागू किया जाएगा।” महिला बंदियों को खुली जेल के साथ ही 10% कुटिया (आवास) का भी अवसर प्रदान किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
जेल विभाग सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने के लिए सक्रिय है। प्रदेश की सभी जेलों में इलेक्ट्रिक फेंसिंग लगाने की योजना बनाई गई है। वर्तमान में केवल 15 जेलों में यह सुविधा उपलब्ध है, जबकि ग्वालियर सेंट्रल जेल इसमें शामिल है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 18 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की जा चुकी है।
जेल विभाग का मुख्य उद्देश्य
जेल महानिदेशक ने स्पष्ट किया कि विभाग का लक्ष्य केवल सुरक्षा और प्रबंधन को बेहतर बनाना नहीं है, बल्कि सुधारात्मक गतिविधियों को भी मजबूत करना है। इससे बंदियों का पुनर्वास आसान होगा और समाज में उनकी वापसी सकारात्मक रूप से संभव बनेगी।
