एमपी के टीर्चरों को देने होगे एग्जाम, फेल हुए तो जा सकती है नौकरी, जाने कब है टीईटी एग्जाम

एमपी टीर्चर। शिक्षक पात्रता परीक्षा यानि की टीईटी को लेकर लंबे समय से चली आ रही असमंजस की स्थिति अब समाप्त हो गई है। संचालक लोक शिक्षण मध्य प्रदेश ने सभी संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 लागू होने से पहले नियुक्त हुए ऐसे शिक्षक, जिनकी सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष से अधिक समय शेष है, उन्हें अगले दो वर्षों के भीतर टीईटी उत्तीर्ण करना होगा। निर्धारित समय में परीक्षा पास नहीं करने वाले शिक्षकों को सेवा छोड़नी पड़ सकती है या उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है।

जुलाई और अगस्त में हो सकते है टीईटी एग्जाम

जो जानकारी आ रही है उसके तहत प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा जुलाई और अगस्त 2026 में संभावित है। ऐसे में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जो शिक्षक टीईटी अभी पास नहीं किए है वे परीक्षा के सबंध में अवगत हो और इस पात्रता परीक्षा में शामिल हो।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया था निणर्य

ज्ञात हो कि सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया था। जिसके तहत जो शिक्षक शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के लागू होने से पहले नियुक्त हुए थे और जिनकी सेवानिवृत्ति में 5 वर्ष से अधिक समय शेष है, उन्हें आगामी दो वर्षों के भीतर टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। अन्यथा, उन्हें पद छोड़ना पड़ सकता है या अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है।

ऐसा है टीईटी नियम

दो वर्षीय अवधि- यह अनिवार्य टीईटी पास करने के लिए शिक्षकों को 2 साल का समय दिया गया है।
5 वर्ष से कम सेवा वाले- जिन शिक्षकों की सेवा 5 वर्ष से कम शेष है, उन्हें टीईटी से राहत दी गई है, लेकिन वे बिना टीईटी के पदोन्नति के पात्र नहीं होंगे।
सर्वाेच्च न्यायालय का निर्णय- यह निर्णय, जो सितंबर 2025 में आया, शिक्षकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है, और यह सुनिश्चित करता है कि टीईटी नहीं, तो नौकरी नहीं।
सेवा की शर्त- जो शिक्षक 2 साल में टीईटी पास नहीं करेंगे, उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है।

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