MP PM Awas Yojana: प्रदेश में भूमि रजिस्ट्री के अभाव के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कई गरीब आवेदक अपात्र हो रहे थे और योजना से वंचित रह जा रहे थे। इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने अब अपने खर्च पर इन आवेदकों की रजिस्ट्री कराने का निर्णय लिया है, जिसके लिए विधानसभा में नियमों में शिथिलता की मांग भी उठाई गई। सरकार ने इस महत्वपूर्ण कदम के लिए छह हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
MP PM Awas Yojana: प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत पात्र गरीब आवेदकों को अब एक बड़ी राहत मिलने वाली है। भूमि रजिस्ट्री के अभाव में योजना से वंचित हो रहे हजारों लोगों के लिए राज्य सरकार अपने खर्च पर रजिस्ट्री कराएगी। इसके लिए बजट में 6 हजार करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है।
रजिस्ट्री अनिवार्य होने से गरीबों पर बोझ बढ़ा
भारत सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना में जमीन की रजिस्ट्री को अनिवार्य कर दिया है। इससे पहले यह जरूरी नहीं था, लेकिन अब नियम बदलने के कारण कई अत्यंत गरीब परिवार योजना से बाहर हो रहे हैं। खासकर उन क्षेत्रों में समस्या ज्यादा है, जहां पहले ग्रामीण इलाके थे, लेकिन अब वे शहरी परिधि में शामिल हो गए हैं। पंचायत स्तर पर रजिस्ट्री न होने से लोग कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे थे।
सरकार उठाएगी सभी कानूनी अड़चनें
मध्य प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है कि पात्र हितग्राहियों के भूमि स्वामित्व (पट्टा या रजिस्ट्री) की कानूनी बाधाएं दूर की जाएंगी। जिन गरीबों के पास घर बनाने के लिए जमीन के वैध कागजात नहीं हैं, उनके लिए राज्य सरकार अपने खर्च पर रजिस्ट्री या पट्टा प्रदान करेगी।
इस प्रक्रिया में पहले भूमि का सत्यापन किया जाएगा और वस्तुस्थिति की जांच के बाद ही रजिस्ट्री या पट्टा जारी होगा। इससे योजना के लाभार्थियों की संख्या बढ़ेगी और असली जरूरतमंदों को पक्का मकान मिल सकेगा।
विधानसभा में उठा मुद्दा, दोनों पक्षों ने समर्थन किया
यह मामला विधानसभा में नगरीय विकास एवं आवास विभाग के पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने उठाया था। उन्होंने कहा कि पहले रजिस्ट्री अनिवार्य नहीं थी, लेकिन अब नियम बदलने से गरीबों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने नियमों को शिथिल करने की मांग की। इस मांग का समर्थन सागर से भाजपा विधायक शैलेंद्र जैन ने भी किया। दोनों पक्षों के विधायकों ने गरीबों के हित में रजिस्ट्री की समस्या पर एकमत दिखाया।
गरीबों को पक्की छत देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
यह निर्णय प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन को मजबूत बनाने वाला है। राज्य सरकार का यह कदम उन लाखों परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है, जो आर्थिक तंगी और कागजी अड़चनों के कारण पक्के घर से वंचित थे। अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन प्रक्रिया जल्द शुरू होगी और पात्र लोगों को जल्द से जल्द लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाएगा।
