आदिवासी अंचल पहुची एमपी सरकार, कैबिनेट ने 6 विभागों की 16 योजनाओं पर लिया फैसला

बड़वानी। मध्यप्रदेश सरकार ने सोमवार को पहली बार आदिवासी अंचल बड़वानी जिले के नागलवाड़ी स्थित शिखरधाम में कृषि कैबिनेट बैठक किया है। जिसमें निमाड़ अंचल के खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, धार, झाबुआ और आलीराजपुर के कृषि और विकास से जुड़े मुद्दों पर विशेष फोकस रखा गया, तो वही मध्यप्रदेश सरकार इस वर्ष को कृर्षि वर्ष के रूप में मना रही है। जिसके चलते कृर्षि आधारित कई प्रमुख बिंदुओं पर एमपी सरकार ने चर्चा की है। बैठक के बाद सीएम मोहन यादव ने इसकी जानकारी दिए। उन्होने कहा कि नागलवाड़ी को पर्यटन केंद्र बनाने एवं निमाड़ में फूड प्रोसेसिंग पर चर्चा करके निणर्य लिया गया है।

16 योजनाओं में फैसला

बैठक में किसानों के कल्याण के लिए 6 विभागों की 16 योजनाओं में फैसला लिया गया है। इन योजनाओं में सरकार पर 27 हजार 746 करोड़ का भार आएगा। बैठक में वरला ओर पानसेमल माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना एवं सरसों फसल को भावांतर योजना में शामिल करने को मंजूरी दी गई है। मछली उत्पादन से जुड़े कारोबार में निवेश को लेकर नई मत्स्य पालन नीति लाएंगे। नई नीति में मछली उत्पादकों को कोल्ड चेन में निवेश, मार्केटिंग स्ट्रक्चर तैयार करने, रेफ्रिजरेटेड वैन खरीदने और मछलियों के फीड प्लांट लगाने पर सब्सिडी का प्रावधान सरकार कर रही है। महाविद्यालयों में एग्रीकल्चर सब्जेक्ट पढ़ाने के लिए कैबिनेट में चर्चा करके निणर्य लिया गया है।

शिखरधाम पहुचे सीएम

कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल के साथ शिखरधाम पहुंचकर बाबा भीलट देव के दर्शन किए। पहली बार आदिवासी अंचल की इस कैबिनेट बैठक में एमपी सरकार के तकरीबन 25 मंत्रियों ने हिस्सा लिया। ज्ञात हो कि बड़वानी जिला आदिवासी बहुल्य जिला है, ऐसे में सीएम मोहन यादव खुद आदिवासी वेश भूषा में न सिर्फ नजर आए बल्कि वहां संस्कृति की प्रशंसा किए।

बड़वानी में बनेगी कृषि मंडी

किसानों के कल्याण के लिए 6 विभागों की 16 योजनाओं में फैसला
इन योजनाओं में सरकार पर 27 हजार 746 करोड़ का भार आएगा।
वरला ओर पानसेमल माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना को मंजूरी।
सरसों फसल को भावांतर योजना में शामिल करने को मंजूरी।
बड़वानी में आधुनिक नवीन कृषि उपज मंडी बनाई जाएगी।
बड़वानी में खेतिया कृषि उपज मंडी को आदर्श कृषि उपज मंडी बनाएंगे।
मछली उत्पादन से जुड़े कारोबार में निवेश को लेकर नई मत्स्य पालन नीति लाएंगे।
नई नीति में मछली उत्पादकों को कोल्ड चेन में निवेश, मार्केटिंग स्ट्रक्चर तैयार करने, रेफ्रिजरेटेड वैन खरीदने और मछलियों के फीड प्लांट लगाने पर सब्सिडी का प्रावधान होगा।
महाविद्यालयों में एग्रीकल्चर सब्जेक्ट पढ़ाने की तैयारी।

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