MP Congress Rift Rajya Sabha: दतिया से कांग्रेस विधायक रहे राजेंद्र भारती की सदस्यता अयोग्यता को रोकने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने देर रात विधानसभा सचिवालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया, लेकिन इस कदम को कुछ नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के अधिकार क्षेत्र में अतिक्रमण बताया है। इस विवाद ने कांग्रेस विधायकों के छिटकने की आशंकाओं को और बढ़ा दिया है।
MP Congress Rift Rajya Sabha: जून में प्रस्तावित राज्यसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस में संगठन और विधायक दल के बीच समन्वय की कमी साफ नजर आ रही है। इससे पार्टी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कांग्रेस के अंदर यह धारणा मजबूत हो रही है कि संगठन विधायकों की कानूनी और राजनीतिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहा है। कुछ विधायकों और जमीनी कार्यकर्ताओं में असंतोष भी बढ़ रहा है। आरोप है कि पार्टी नेतृत्व केवल चुनिंदा नेताओं पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिससे विधायक दल में बिखराव की स्थिति बनती जा रही है।
दतिया विधायक मामले में विवाद
दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता अयोग्यता को रोकने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने देर रात विधानसभा सचिवालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। हालांकि, इस कदम को कुछ नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के अधिकार क्षेत्र में अतिक्रमण बताया है। इस घटना ने विधायकों के छिटकने की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। कई नेता इसे राज्यसभा चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं।
राज्यसभा चुनाव के लिए गणित बिगड़ा
मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव में कांग्रेस को एक सीट सुरक्षित करने के लिए कम से कम 58 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। राजेंद्र भारती की सदस्यता चले जाने के बाद कांग्रेस के पास अब करीब 62 विधायकों के वोट बचे हैं। लेकिन क्रॉस-वोटिंग के खतरे और आंतरिक असंतोष ने पार्टी की चिंता कई गुना बढ़ा दी है। कुछ अन्य विधायकों पर भी कानूनी संकट मंडरा रहा है, जिससे वोट बैंक और कमजोर हो सकता है।
उपनेता प्रतिपक्ष का इस्तीफा भी विवाद का हिस्सा
पार्टी के अंदर तालमेल की कमी अब बंद कमरों की चर्चा तक सीमित नहीं रही है। यह सड़कों और विधानसभा की दहलीज तक दिखाई देने लगी है। कुछ दिन पहले विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे का इस्तीफा भी इसी खींचतान का नतीजा बताया जा रहा है। पिछले कुछ समय में कांग्रेस को कई ऐसे झटके लग चुके हैं, जो पार्टी की एकजुटता पर सवाल उठा रहे हैं।
