Census 2027 in MP: देश में पहली बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से जनगणना होगी, इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप तैयार किए गए हैं। जनगणना में स्व-गणना (Self-enumeration) का विकल्प भी पहली बार उपलब्ध कराया जा रहा है। नागरिक मोबाइल, लैपटॉप या डेस्कटॉप से अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकते हैं। इस बार जातिगत जनगणना भी शामिल होगी।
Census 2027 in MP: मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने जनगणना-2027 में मजरे-टोलों (छोटे बस्ती/टोलों) को अलग से पहचानने के लिए विशेष कॉलम जोड़ने की मांग की है। यदि जनगणना निदेशालय इस सुझाव को मान लेता है, तो प्रदेश के एक लाख 27 हजार मजरे-टोलों की अलग से विस्तृत जानकारी उपलब्ध हो जाएगी, जिससे जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं के नीति-निर्माण में काफी मदद मिलेगी। यह सुझाव न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि अन्य आदिवासी बहुल राज्यों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा।
मजरे-टोलों का अलग कॉलम
अनुराग जैन ने शुक्रवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में आयोजित जनगणना-2027 के कलेक्टर-कमिश्नर प्रशिक्षण कार्यक्रम में रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण के समक्ष यह बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अधिकांश मजरे-टोले आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्थित हैं। इनकी अलग पहचान से विकास योजनाओं को लक्षित करने में आसानी होगी।
जीआईएस सिस्टम और सटीक डेटा पर जोर
मुख्य सचिव ने जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) आधारित गणना पर बल देते हुए कहा कि आंकड़े सही तरीके से फीड किए जाएं, तभी परिणाम उपयोगी होंगे। आमजन को भी सही जानकारी देने की अपील की। उन्होंने बताया कि कई लोग संपत्ति संबंधी डर से गलत जानकारी देते हैं, लेकिन ऐसा करने से सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावित होता है।
पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना, स्व-गणना का विकल्प
रजिस्ट्रार जनरल मृत्युंजय कुमार नारायण ने बताया कि 2027 की जनगणना देश में पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी। नागरिक मोबाइल, लैपटॉप या डेस्कटॉप से स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) कर सकेंगे। इस बार जातिगत जनगणना भी शामिल होगी। सॉफ्टवेयर में इनबिल्ड एप्लिकेशन होंगे, जो फीडिंग की गलतियों को तुरंत चेतावनी देंगे। जानकारी सावधानी से दर्ज करने की सलाह दी गई।
दो चरणों में होगी प्रक्रिया
- प्रथम चरण (मकानों की सूचीकरण): 1 मई से 30 मई 2026 तक। प्रगणक घर-घर जाकर भवन की स्थिति, सुविधाएं और परिसंपत्तियों का विवरण एकत्र करेंगे।
- द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना): फरवरी 2027 में। प्रत्येक व्यक्ति की आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, धर्म, दिव्यांगता, मातृभाषा, साक्षरता, शिक्षा, आर्थिक गतिविधि, प्रवास आदि की जानकारी ली जाएगी।
33 सवालों की सूची
जनगणना 2027 में घरेलू स्तर पर कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें भवन संख्या, घर संख्या, फर्श-दीवार-छत की प्रमुख सामग्री, घर का उपयोग व स्थिति, परिवार संख्या, मुखिया का नाम-लिंग-एससी/एसटी स्थिति, स्वामित्व की स्थिति, कमरों की संख्या, विवाहित जोड़ों की संख्या, पीने के पानी का मुख्य स्रोत व उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, शौचालय की स्थिति व प्रकार, अपशिष्ट जल निकास, स्नान सुविधा, रसोई में मुख्य ईंधन, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन, रेडियो/ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट पहुंच, लैपटॉप/कंप्यूटर, टेलीफोन/मोबाइल/स्मार्टफोन, साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/कार/जीप/वैन जैसे वाहन, घर में मुख्य रूप से खाया जाने वाला अनाज और मोबाइल नंबर शामिल हैं। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी संबोधित किया और जनगणना की तैयारी तथा डिजिटल प्रक्रिया पर जोर दिया।
