अमेरिका की सिलिकॉन वैली में एक बड़े अस्पताल में हुई एक स्टडी के मुताबिक Heart Attack और मैथ ड्रग के बीच एक चिंताजनक रिलेशनशिप के बारे में पता चला है। हाल ही में हुई रिसर्च के अनुसार अस्पताल में भर्ती हार्ट अटैक के मामलों में करीब 15% मरीज ऐसे थे जिनका संबंध मेथाम्फेटामाइन के इस्तेमाल से देखा गया है।

इस स्टडी में क्या सामने आया है
यह रिसर्च कैलिफोर्निया के संता क्लारा वैली मेडिकल सेंटर में की गई है जहां 2012 से 2022 के बीच हजारों मरीजों के दाता का विश्लेषण किया गया। विश्लेषण के अध्ययन में पाया गया कि हर 6 में से एक हार्ट अटैक का मामला मैथ ड्रग का असर से ही जुड़ा हुआ है। यह आंकड़ा डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट्स के लिए चिंता का विषय बन चुका है।
ये भी पढ़े: Cancer Risk का खतरा अब कम उम्र में भी जाने क्या है कारण और बचाव उपाय
अब कम उम्र में बढ़ रहा खतरा
इस रिसर्च के अनुसार मैथ का उपयोग करने वाले मरीजों की औसत उम्र लगभग 52 साल ही थी जबकि अन्य हार्ट अटैक मरीजों की उम्र से ज्यादा थी। इसका मतलब साफ है कि ड्रग का इस्तेमाल हार्ट अटैक को कई साल पहले ला सकता है खास बात यह है कि कई मरीजों में डायबिटीज या मोटापे जैसे किसी भी तरह के रिस्क नहीं थे फिर भी उन्हें हार्ट अटैक की समस्या देखी गई है।
शरीर पर कैसे असर डालता है ये मेथ ड्रग
डॉक्टर के अनुसार मेथाम्फेटामाइन शरीर में कई प्रकार के खतरनाक बदलाव ले आताहै। यह अचानक हमारे शरीर में ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन को तेज कर देता है जिससे हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसके अलावा यह हमारे दिल की मांसपेशियों को कमजोर करता है और सूजन को बढ़ा देता है जो अंत तक हमारे शरीर में Heart Attack का कारण बन जाती है।
मेथाम्फेटामाइन शरीर में कैसे आता है?
जांच की रिपोर्ट में यह बताया गया कि यह ड्रग ऐसे लोगों के शरीर में पाया गया है जिससे धूम्रपान करने की ज्यादा आदत थी और एक बड़ी संख्या में सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग से जुड़ीथी। इससे हमें पता चलता है कि यह समस्या केवल स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं है बल्कि सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों से भी जुड़ी हुई है।
ये भी पढ़े: Vitamin D Deficiency भारत में क्यों बन रही हैं एक नई हेल्थ की चुनौती?
क्या कहती है यह heart attack जांच की रिपोर्ट
इस स्टडी की रिपोर्ट से हमें यह पता चलता है की मैथ ड्रग अब एक नशे की समस्या नहीं है बल्कि यह हृदय से जुड़ी गंभीर बीमारी का कारण भी बनती जा रही है। अगर भविष्य में हार्ट अटैक के मामले को बढ़ाने से रोकता है तो इस ड्रग पर नियंत्रण करना बहुत जरूरी है।



