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Meesho AI Coding Adoption से Q4 आय 44% बढ़ी, लागत घटी

Meesho Q4 revenue grows 44% as AI coding adoption drives costs downMeesho Q4 revenue grows 44% as AI coding adoption drives costs down

Meesho Q4 revenue grows 44% as AI coding adoption drives costs down

Meesho AI Coding Adoption: भारत की सोशल कॉमर्स कंपनी मीशो ने फाइनेंशियल ईयर 2025 26 की चौथी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी ने बताया है कि उसके प्लेटफार्म पर अब 70% से अधिक कोड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया जा रहे हैं। इसी दौरान कंपनी की इनकम में सालाना आधार पर 44% की वृद्धि देखी गई है। कंपनी के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टेक्नोलॉजी को अपने से ऑपरेशनल एफिशिएंसी बड़ी और लागत नियंत्रण में भी मदद मिली है।

AI Coding बना Meesho की प्लानिंग का अहम हिस्सा

कंपनी ने अपने ऑफिशियल बयान में बताया है कि मीशो ने अपने इंजीनियरिंग ऑपरेशंस में बड़े लेवल पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स का उपयोग करना शुरू किया है। कंपनी का ऐसा दावा है कि 70% से ज्यादा कोड जेनरेशन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम के जरिए हो रहा है। इसमें सॉफ्टवेयर डेप्लॉयमेंट की गति तेज हुई है और डेवलपमेंट साइकिल कम समय में पूरा हो रहा है।

बाजार की विश्लेषकों के अनुसार ये कदम केवल लागत कम करने को सीमित नहीं है बल्कि इससे प्रोडक्ट इनोवेशन और स्केलेबिलिटी में भी मदद मिल सकती हैं। भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एडॉप्शन तेजी से बढ़ता जा रहा है और मीशो इस बदलाव में प्रमुख एग्जांपल है।

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Q4 आय में 44% की बढ़त मिली है

कंपनी की चौथी तिमाही की इनकम में 44% की वृद्धि देखी गई है। जानकारी के मुताबिक Q4 के दौरान मीशो की कुल इनकम लगभग 3646 करोड रुपए है। इसके साथ ही कंपनी का घाटा भी पिछले सालों की तुलना में कम हुआ है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि लो कॉस्ट ई-कमर्स मॉडल और टायर 2 के साथ टायर तीन शहर में बढ़ती पहुंचने कंपनी की ग्रोथ को मजबूत किया है। इसके अलावा फेस्टिवल डिमांड और सेलर बेस एक्सपेंशन का भी रेवेन्यू पर पॉजिटिव असर देखने को मिला है।

AI Adoption से IT सेक्टर में Hiring Trends बदलेंगे?

टेक्निकल विशेषज्ञ के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोडिंग टूल्स के बढ़ते उपयोग का असर भविष्य की हायरिंग स्ट्रेटजी पर हो सकता है। कंपनियां आप केवल ट्रेडिशनल कोडिंग स्किल के बजाय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेवलपमेंट और सिस्टम आर्किटेक्चर जैसी एडवांस्ड कैपेबिलिटी पर ज्यादा ध्यान देने वाली है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित चीज मानव डेवलपर की जगह नहीं ले सकती है। आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्कफोर्स मॉडल ज्यादा प्रभावित होने वाला है जहां इंजीनियर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम साथ मिलकर काम करेंगे।

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निवेशकों और Startup सेक्टर के लिए क्या है संकेत

स्टॉक मार्केट के अनुसार मीशो का यह मॉडल भारतीय स्टार्टअप सेक्टर में प्रॉफिटेबिलिटी फॉक्स ग्रंथ की दिशा को दिखाता है। पिछले कुछ सालों में निवेश करने वाले लोगों ने केवल एक्सपेंशन के बजाय सस्टेनेबल बिजनेस मॉडल और कास्ट एफिशिएंसी पर अधिक जोर दिया है।

meesho कंपनी के द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित इंटरेक्शन पर फोकस करके या संकेत दिया जाता है कि आने वाले सालों में ई-कॉमर्स और टेक्नोलॉजी कंपनियों ऑटोमेशन आधारित ऑपरेशंस को तेजी से अपनाएगी। हालांकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंप्लीमेंटेशन की लॉन्ग टर्म सफलता एक्सक्लूजन क्वालिटी और डाटा सिक्योरिटी जैसे कारण पर निर्भर करती है।

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