Mallikarjun Kharge Lohri greetings के तहत कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोहड़ी के अवसर पर देशभर के नागरिकों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस पर्व को खुशी, उत्सव और सामाजिक एकता से जोड़ते हुए लोगों के जीवन में समृद्धि और सुख की कामना की।
लोहड़ी पर कांग्रेस अध्यक्ष का संदेश
कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने मंगलवार को लोहड़ी के मौके पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच X के जरिए अपने संदेश में कहा कि लोहड़ी खुशी और उत्साह का पर्व है, जो लोगों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
अपने संदेश में उन्होंने उम्मीद जताई कि यह त्योहार नागरिकों के जीवन में असीम खुशी और समृद्धि लेकर आए। खड़गे का संदेश परंपरागत पर्वों के सामाजिक महत्व को रेखांकित करता है।
Mallikarjun Kharge Lohri greetings और सांस्कृतिक संदर्भ
Mallikarjun Kharge Lohri greetings में लोहड़ी के सांस्कृतिक पक्ष पर भी जोर देखने को मिला। लोहड़ी उत्तर भारत में नई फसल के स्वागत से जुड़ा प्रमुख पर्व माना जाता है। यह त्योहार सामूहिक सहभागिता, परंपरा और सामाजिक जुड़ाव का प्रतीक है।
ऐसे पर्वों के दौरान राजनीतिक और सामाजिक नेतृत्व की ओर से दिए गए संदेश समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने में भूमिका निभाते हैं। लोहड़ी जैसे उत्सव लोगों को आपसी सौहार्द और सहयोग की भावना से जोड़ते हैं।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का भी संदेश
लोहड़ी के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने भी राज्यवासियों, विशेष रूप से पंजाबी समुदाय, को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व नई फसल के आगमन, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और आपसी भाईचारे का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में यह भी कहा कि लोक पर्व जीवन में नई ऊर्जा भरते हैं और सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि लोहड़ी सभी के जीवन में सुख और समृद्धि लाए।
राष्ट्रपति की ओर से देशवासियों को शुभकामनाएं
इसी दिन राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने लोहड़ी के साथ मकर संक्रांति, पोंगल और माघ बिहू के अवसर पर भी देश और विदेश में रह रहे भारतीयों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ये पर्व भारत की समृद्ध कृषि परंपराओं और राष्ट्रीय एकता को दर्शाते हैं।
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में किसानों के परिश्रम को नमन करते हुए कहा कि इन त्योहारों के माध्यम से प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त किया जाता है।

फसल पर्वों का व्यापक महत्व
लोहड़ी के साथ-साथ माघ बिहू, पोंगल, मकर संक्रांति और उत्तरायण जैसे पर्व देश के विभिन्न हिस्सों में मनाए जाते हैं। ये सभी त्योहार कृषि चक्र, मेहनत और सामूहिक जीवनशैली से जुड़े हुए हैं।
लोहड़ी के दौरान अलाव जलाना, पारंपरिक भोजन तैयार करना और लोकगीत गाना आम परंपरा है। इससे ठंड के मौसम में उत्सव का माहौल बनता है और सामाजिक जुड़ाव मजबूत होता है।

सामाजिक एकता और परंपरा का संदेश
त्योहारों के अवसर पर नेताओं के संदेश केवल औपचारिक शुभकामनाएं नहीं होते। ये समाज में सकारात्मक सोच, सांस्कृतिक पहचान और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा देते हैं।
लोहड़ी जैसे पर्व भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं, जहां अलग-अलग क्षेत्रों में फसल उत्सव अलग रूपों में मनाए जाते हैं, लेकिन भावना एक जैसी रहती है।
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