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महेश बाबू के सौतेले भाई नरेश ने E20 Petrol पर उठाए सवाल.. कहा गाड़िया..

Mahesh Babu's half-brother Naresh raises questions about E20 petrol; statement sparks discussion.Mahesh Babu's half-brother Naresh raises questions about E20 petrol; statement sparks discussion.

Mahesh Babu's half-brother Naresh raises questions about E20 petrol; statement sparks discussion.

तेलुगू अभिनेता और mahesh babu के सौतेले भाई नरेश विजय कृष्ण ने हाल ही में E20 petrol को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है। यह मामला सोशल मीडिया पर देखने को मिला जिसमें नरेश ने दावा किया है कि E20 petrol से कुछ वाहनों के इंजन पर असर पड़ सकता है इस मुद्दे पर सरकार से उन्होंने विचार करने की अपील भी कीहै।

E20 Petrol पर अब क्या बोले नरेश?

mahesh babu के सौतेले भाई नरेश ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी सरकारी नीति का विरोध करना बिल्कुल नहीं है। उन्होंने लिखा हुआ एंटी नेशनल बिल्कुल नहीं है लेकिन E20 Petrol को लेकर आम वाहन मालिकों की परेशानियों पर भी सरकार को ध्यान देना बहुत जरूरीहै। उन्होंने दावा किया कि उनके एक परिचित जानकारी की कार्य के इंजन बदलने में लगभग 3.5 लाख रुपए का खर्च हो गया जिसकी वजह यह पेट्रोल ही है। हालांकि उन्होंने इसके समर्थन में कोई भी रिपोर्ट शेयर नहीं कीहै।

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अपनी Porsche का भी दिया है उदाहरण

महेश बाबू के भाई नरेश ने बताया कि उनके पास मौजूद Porsche Panamera मिल वह लगभग 165 रुपए प्रति लीटर वाला 100 ऑक्टेन पैट्रोल को भरवाते हैं उनका कहना है कि हाई परफार्मेंस कारों के लिए बेहतर गुणवत्ता वाले ईंधन की भी जरूरत होती है। साथी उन्होंने सरकार से सवाल उठाया कि अगर महंगी कर के मालिक ज्यादा खर्च उठा रहे हैं तो आम वाहन मालिकों की स्थिति पर भी उन्हें ध्यान देना चाहिए।

सोशल मीडिया पर इस मामले को क्या मिला रिएक्शन

E20 Petrol पर महेश बाबू के भाई के द्वारा दिए जाने वाले बयान के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग रिएक्शन देखने को मिल रहे हैं। कुछ यूजर्स ने नरेश की चिंता का सपोर्ट किया और बताया कि पुराने वाहनों की अनुकूलता पर स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए वहीं कई लोगों के मुताबिक लग्जरी कारों के लिए पहले से ही प्रीमियम ऑक्ट ईंधन के सिफारिश की जाती है इसलिए इस उदाहरण को इस पेट्रोल नीति से जोड़ना बिल्कुल भी सही नहीं है।

सरकार की नीति और आधिकारिक पक्ष क्या है

ऑफिशियल बयान में बताया गया कि इस पेट्रोल नीति का उद्देश्य पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलकर ईंधन आयात पर निर्भरता को कम करना है किसानों को लाभ पहुंचाना और प्रदूषण को घटनाहै। सरकार पहले ही स्पष्ट बता चुकी है कि सभी गाड़िया E20 Petrol के लिए परफेक्ट नहीं होते हैं और वाहन निर्माता कंपनियां अपनी अपनी गाड़ी के लिए अलग-अलग दिशा निर्देश भी देती है।

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अभी फिलहाल बहस जारी है

E20 Petrol को लेकर सोशल मीडिया पर फिलहाल इन दोनों बहस जा रही है हालांकि उनके दावों से स्वतंत्र रूप से पुष्टि तो नहीं हुई लेकिन यह साबित नहीं हुआ कि किसी भी वहां की तकनीकी खराबी का कारण केवल यह पेट्रोल ही है।

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