LG Manoj Sinha Resigned : वैष्णो देवी हादसे के बाद मनोज सिन्हा ने उपराज्यपाल पद से दिया इस्तीफा, डिप्टी सीएम बोले- ‘इनकी भूमिका की जाँच हो’

LG Manoj Sinha Resigned : जम्मू-कश्मीर में मंगलवार वैष्णो देवी मार्ग पर हुई लैंडस्लाइड में बड़ी त्रासदी देखने को मिल रही है। हादसे में लगातार मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। मरने वालों की संख्या अब 35 तक पहुंच गई, कई लोग अभी भी लापता हैं और कई का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस बीच हादसे दो दिन बाद गुरुवार को मनोज सिन्हा ने जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल के पद से इस्तीफा दे दिया है। जिसके बाद जम्मू-कश्मीर की राजनीति में भूचाल आ गया है। 

मनोज सिन्हा ने उपराज्यपाल पद से दिया इस्तीफा 

जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा (LG Manoj Sinha Resigned) ने चसोती किश्तवाड़, माता वैष्णो देवी, कटरा में हुए भुस्खलन में लापरवाही से हुई मौतों और जम्मू बाढ़ में कुप्रबंधन की पूरी ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया है। मनोज सिन्हा ने भारत के राष्ट्रपति को अपना इस्तीफ़ा भी भेज दिया है। हालांकि अभी तक राष्ट्रपति की ओर से इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया है। इसके साथ ही इस संबंध में भाजपा ने भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

डिप्टी सीएम ने LG पर लगाया लापरवाही का आरोप 

वहीं, जम्मू कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी ने कटरा में हुए हादसे को लेकर माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड को जिम्मेदार ठहराया है। सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि जब मौसम खराब था, तो आखिरकार यात्रा क्यों होने दी गई? इसका जवाब माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के CEO और जम्मू कश्मीर के LG को देना चाहिए।

डिप्टी सीएम सुरेंद्र चौधरी ने कहा, “श्राइन बोर्ड का अध्यक्ष कौन है, एलजी साहब, उन्हें पता होना चाहिए कि हाई अलर्ट क्या होता है। यदि उन्हें पता है कि अलर्ट क्या होता है, तो यात्रा क्यों नहीं रोकी गई? इसे क्यों जारी रखा गया? जो भी दोषी है, चाहे वो एलजी हो या कोई और, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। कई निर्दोष लोगों की जानें गई हैं।”

मनोज सिन्हा की भूमिका की हो जाँच : डिप्टी सीएम

डिप्टी सीएम ने कहा, “वैष्णो देवी यात्रा में हुए हादसे के बारे में एलजी मनोज सिन्हा को जवाब देना चाहिए। एलजी के कार्यकाल में पहले भी भगदड़ मची थी। जब बादल फटने और भारी बारिश का अलर्ट था, तब यात्रा क्यों नहीं रोकी गई? माता वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं की मौत नहीं हुई, बल्कि उन्हें मारा गया है। इसके पीछे एक अपराधिक साजिश है। इसकी जांच होनी चाहिए। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध करता हूं कि एलजी मनोज सिन्हा और अधिकारियों की भूमिका की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति बनाई जाए। सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और एफआईआर भी दर्ज होनी चाहिए।”

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