नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश से गुलामी की मानसिकता से बाहर आने का आह्वान किया था। अंग्रेजों के समय के नियमों से लेकर पुराने कानूनों तक को बदलने का काम जारी है। उसी के तहत अब भारतीय सेना ने ब्रिटिश शासन काल में जो नाम देश के आर्मी कैंट और सैन्य संस्थानों में रखे गए थें। उसे सामाप्त करके उसकी जगह अब वीरता पुरस्कार विजेताओं, युद्ध नायकों के नाम रखे जा रहे है।
246 स्थानों के बदले गए नाम
रक्षा अधिकारियों के मुताबिक कुल 124 सड़कें, 77 रिहायशी कॉलोनियां, 27 इमारतें व सैन्य सुविधाएं और 18 अन्य सुविधाएं, जैसे पार्क, ट्रेनिंग एरिया, खेल मैदान, गेट और हेलीपैड के नाम बदले गए हैं। खास बात यह है कि ये सभी नाम वीरता पुरस्कार विजेताओं, युद्ध नायकों और प्रमुख सैन्य नेताओं के योगदान को सम्मान देते हुए उनके नाम पर रखे गए हैं।
फोर्ट विलियम नही अब विजय दुर्ग
कोलकाता- फोर्ट विलियम के मुख्यालय को अब विजय दुर्ग कहा जाएगा, जॉर्ज गेट को शिवाजी द्वार और किचनर हाउस को फील्ड मार्शल मानेकशॉ भवन नाम दिया गया है।
दिल्ली कैंट- किर्बी प्लेस को केनुगुरु से विहार और मॉल रोड को अरुण खेतरपाल मार्ग के रूप में नई पहचान मिली है।
अंबाला कैंट- पैटरसन रोड क्वार्टर्स का नाम बदलकर धन सिंह थापा एन्क्लेव कर दिया गया है। इसी तरह से अन्य आर्मी स्थानों का नाम बदला जा रहा है।
