Breast Cancer: कम उम्र में होने वाले ब्रेस्ट कैंसर अब सिर्फ इलाज तक ही सीमित मुद्दा नहीं रह गया बल्कि युवा महिलाओं के बीच ये चिंता तेजी से बढ़ती जा रहीहै। की क्या कीमोथेरेपी के बाद मां बनने की क्षमता प्रभावित हो जाती है? डॉक्टर के अनुसार सही समय पर सलाह और आधुनिक तरीके से इलाज करके कैंसर और फर्टिलिटी दोनों को संतुलित तरीके से संभाल लिया जा सकता है।
कीमोथेरेपी का फर्टिलिटी पर कितना असर
डॉक्टर के अनुसार कीमोथेरेपी में इस्तेमाल होने वाले कुछ दवाई ओवरी पर भी असर डालती है। इससे महिलाओं में पीरियड्स लेट होना, जल्दी मेनोपॉज आना या फिर गर्भधारण में दिक्कत जैसी समस्याएं देखने को मिलती है। हालांकि हर मरीज में इसका प्रभाव सामान नहीं देखने को मिलता है उम्र, शरीर की स्थिति और इलाज के प्रकार के आधार पर इसकी असर अलग-अलग हो सकते हैं।
ये भी पढ़े: Women’s Wellness And Cervical Cancer : महिलाओं में तेजी से बढ़ रहा सर्वाइकल कैंसर का खतरा
इलाज शुरू होने से पहले जरूरी है कौनसी प्लानिंग
इसमें डॉक्टर सलाह देते हैं कि युवा मरीज इलाज शुरू होने से पहले फर्टिलिटी विशेषज्ञ से जरूर बात करें। आज के समय में एग फ्रीजिंग और एम्ब्रियो फ्रीजिंग जैसे ऑप्शन भी उपलब्ध है जिसकी मदद से भविष्य में प्रेगनेंसी की संभावनाओं को सुरक्षित रखा जा सकता है। कई हॉस्पिटल अब कैंसर ट्रीटमेंट के साथ-साथ फर्टिलिटी काउंसलिंग भी देते हैं।
हर मरीज को कीमोथेरेपी की नहीं है जरूरत
मेडिकल साइंस में आए बदलाव के कारण अब कई मामलों में यह तय किया जा सकता है कि मरीज को थेरेपी की जरूरत है या नहीं।Breast Cancer के लिए जीन टेस्ट और ट्यूमर प्रोफाइलिंग आदि जैसे आधुनिक टेस्ट महिलाओं को सही इलाज चुनने में मदद कर सकते हैं। ऐसा होने से कुछ महिलाओं को अनावश्यक कीमोथेरेपी से बचाया जा सकता है।
इलाज के दौरान महिलाओं में ओवरी बचाने के ऑप्शन
कुछ रिसर्च में ऐसा पाया गया है कि हार्मोन इंजेक्शन की मदद से ओवरी को अस्थाई रूप से सुरक्षित रखा जा सकता है। डॉक्टर के द्वारा कीमोथेरेपी के दौरान कुछ दवाई देकर ओवरी की सक्रियता कम कर देती है। जिससे भविष्य में फर्टिलिटी बढ़ाने की संभावनाएं बढ़ती देखी जा सकती है हालांकि यह ऑप्शन मरीजों के लिए परफेक्ट नहीं होता है।
ये भी पढ़े: सिर्फ एक टेस्ट और कैंसर डिटेक्ट, multi cancer blood test कितना कारगार?
क्या इलाज के बाद भी मां बनना संभव
ऑन्कोलॉजिस्ट का कहना है काफी सारी महिलाओं का कैंसर का इलाज पूरा हो चुका है और उसके बाद भी उन्होंने सफलतापूर्वक गर्भधारण किया है। कई मामलों में पीरियड दोबारा से सब आने हो जाते हैं और प्राकृतिक रूप से प्रेगनेंसी भी संभव होतीहै। इसलिए मरीज को बिल्कुल भी घबराने के बजे डॉक्टर से पूरी जानकारी लेकर ही इलाज की प्लानिंग करनी चाहिए। डॉक्टर मानते हैं कि जागरूकता और समय पर मेडिकल सलाह की मदद से महिलाओं में होने वाले Breast Cancer को रोका जा सकता है।

