कर्नाटक के DGP के. रामचंद्र राव सस्पेंड, अश्लील वीडियो वायरल

Portrait of Karnataka DGP K. Ramachandra Rao in police uniform.

कर्नाटक के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और नागरिक अधिकार प्रवर्तन निदेशालय (DCRE) के महानिदेशक के. रामचंद्र राव सस्पेंड कर दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर कुछ आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद राज्य सरकार ने यह कड़ा कदम उठाया है। इन वीडियो में अधिकारी कथित तौर पर अपने कार्यालय में ही महिलाओं के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दे रहे हैं।

Karnataka DGP K. Ramachandra Rao

सरकारी अधिकारी के आचरण पर उठे सवाल

कर्नाटक सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, डॉ. के. रामचंद्र राव का व्यवहार एक सरकारी सेवक की गरिमा के खिलाफ पाया गया है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि उनके इस कृत्य से न केवल पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई है, बल्कि सरकार को भी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी है। प्रथम दृष्टया साक्ष्यों के आधार पर सरकार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्णय लिया।

के. रामचंद्र राव सस्पेंड: निलंबन की शर्तें

निलंबन की अवधि के दौरान, के. रामचंद्र राव को कड़े निर्देशों का पालन करना होगा। वे बिना राज्य सरकार की लिखित अनुमति के अपने मुख्यालय को नहीं छोड़ सकते। सरकार ने इस मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं। जब तक विभागीय जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक वे किसी भी आधिकारिक दायित्व का निर्वहन नहीं कर पाएंगे।

आरोपों पर आईपीएस अधिकारी की सफाई

दूसरी ओर, 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी के. रामचंद्र राव ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इन वीडियो को ‘फर्जी और मनगढ़ंत’ करार दिया है। सोमवार को जब यह विवाद बढ़ा, तो वे गृह मंत्री जी. परमेश्वर से मिलने उनके निवास पर पहुंचे थे, हालांकि वहां मुलाकात नहीं हो सकी। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज के तकनीकी दौर में किसी को भी फंसाना आसान है।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का सख्त रुख

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कानून की नजर में सभी बराबर हैं, चाहे वह कितना भी वरिष्ठ अधिकारी क्यों न हो। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में अधिकारी दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

विवादों से पुराना नाता

यह पहली बार नहीं है जब के. रामचंद्र राव विवादों के केंद्र में रहे हैं। पिछले साल भी उन पर गंभीर आरोप लगे थे। उन पर अपनी सौतेली बेटी और अभिनेत्री रन्या राव की गोल्ड स्मगलिंग मामले में मदद करने का आरोप था। आरोप था कि उन्होंने अपने आधिकारिक पद और पुलिस प्रोटोकॉल का दुरुपयोग कर बेटी को सुरक्षा जांच से बचाने की कोशिश की थी। उस समय भी उन्हें जबरन छुट्टी पर भेजा गया था।

पुलिस विभाग की छवि पर असर

वरिष्ठ भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री एस. सुरेश कुमार ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे पुलिस विभाग पर एक ‘कलंक’ बताया है। उन्होंने कहा कि जब एक वर्दीधारी अधिकारी अपने ही कार्यालय में ऐसी गतिविधियों में शामिल होता है, तो जनता का विश्वास विभाग से उठने लगता है। इस मामले ने कर्नाटक की राजनीति और पुलिस प्रशासन में एक नई बहस छेड़ दी है।

Karnataka DGP K. Ramachandra Rao suspended after obscene video goes viral

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