Prithvi Festival 2025: मुंबई के जुहू स्थित प्रसिद्ध पृथ्वी थिएटर में हर साल पृथ्वी फेस्टिवल मनाया जाता है। और इस साल भी पृथ्वी फेस्टिवल 2025 का रंगीन आगाज़ किया गया है। हालांकि इस साल का माहौल पिछले बार से अलग है क्योंकि कपूर परिवार की विरासत पृथ्वी थिएटर की आत्मा और बॉलीवुड सितारों की चमक एक साथ मंच पर दिखाई दे रही है। बता दे इस बार का थीम सेलिब्रेटिंग स्टोरी, स्टेज एंड कम्युनिटी रखा गया है। जहां कहानी, संवाद मंच और समुदायों का उत्सव मनाया जा रहा है।

पृथ्वी फेस्टिवल 2025 में नसरुद्दीन शाह से लेकर नीना गुप्ता, बोमन ईरानी, सैफ अली खान, जहान कपूर झूमते नाचते दिखाई दिए। हर किसी ने अपनी उपस्थिति से इस उत्सव को एक जश्न में बदल दिया। यह फेस्टिवल कपूर परिवार की परंपरा है जिसको एक बार पुनः मंच, कला, कहानियों के आदान-प्रदान और श्रोताओं तथा कलाकारों के बीच नए ब्रिज से पुनर्जीवित किया जा रहा है।
क्या है पृथ्वी फेस्टिवल 2025 के हाइलाइट्स
पृथ्वी फेस्टिवल 2025 के समारोह की शुरुआत एक जीवंत मिलन माहौल में हुई। जहां कलाकारों ने नृत्य और संवाद में भाग लिया। इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले दर्शकों को केवल कलाकारों की प्रस्तुतियां ही देखने को नहीं मिली बल्कि उन्हें वर्कशॉप के माध्यम से डायलॉग और एक्टिंग सीखने का अवसर भी मिला। इस दौरान अनुभवी कलाकार नसरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, बोमन ईरानी ने वर्कशाप आयोजित किए। नए कलाकारों को अवसर देने के लिए थिएटर में दो दिन की प्रस्तुति का अवसर भी दिया जा रहा है जिसमें रोजाना 3 से 4 शो किए जा रहे हैं।
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क्या है पृथ्वी थिएटर की विरासत
पृथ्वी थिएटर केवल एक इमारत या मंच नहीं है, यह भारतीय रंगमंच के इतिहास का प्रतीक है। इसकी नींव कपूर परिवार के मुखिया और दिग्गज अभिनेता पृथ्वीराज कपूर ने 1944 में रखी थी। पृथ्वी थिएटर के माध्यम से उन्होंने घूमने फिरने वाला नाटक दौर शुरू किया और उस दौरान जब सिनेमा का प्रभाव बढ़ रहा था तब पृथ्वीराज कपूर ने थिएटर को जीवित रखने का काम किया।
उनके निधन के बाद शशि कपूर और बहू जेनिफर केंडल ने इस प्रथा को आगे बढ़ाया और 1978 में उन्होंने जुहू में पृथ्वी थिएटर की स्थापना की। यहां कलाकारों को ऐसा मंच प्रदान किया जाता है जो उन्हें सिनेमा की भीड़भाड़ से दूर शुद्ध कला और अभिनय की अभिव्यक्ति को दिखाने का मौका देता है। आज पृथ्वी थिएटर सिर्फ कपूर परिवार का नहीं बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक धरोहर बन चुका है और इसी का जागरूक स्वरूप है पृथ्वी फेस्टिवल 2025.
