Kanpur Shivam Mishra Release After Arrest: उत्तर प्रदेश के कानपुर में लम्बोर्गिनी कार से 6 लोगों को रौंदने वाले आरोपी और अरबपति पिता का बेटा शिवम मिश्रा (Shivam Mishra lamborghini Case) गिरफ़्तारी के 7 घंटे बाद रिहा हो गया. आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस ने कोर्ट से 14 दिन की कस्टडी मांगी थी मगर अदालत ने उसे रिहा करने का आदेश दिए दिया।
जब पुलिस ने रिमांड मांगी तो कोर्ट ने पुछा क्यों चाहिए पुलिस रिमांड जबकि शिवम् पर लगी सभी धाराएं जमानती हैं? इस सवाल पर पुलिस अफसर कोई जवाब नहीं दिए पाए और कोर्ट ने रिमांड की अर्जी ख़ारिज कर दी और 20 हजार रुपए का बांड भरने के बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया।
पुलिस ने शिवम मिश्रा को गुरुवार सुबह 8 बजे घर के सामने से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दावा किया था कि शिवम जांच में सहयोग नहीं कर रहा था। गुरुवार को सूचना मिली कि आरोपी एंबुलेंस से भाग रहा है। खुद को छिपाए रखने के आधार पर उसे गिरफ्तार किया।
मेडिकल कराने के बाद पुलिस शिवम मिश्रा को AJCM कोर्ट लेकर पहुंची। कोर्ट के बाहर वीडियो बनाने पर शिवम मीडियाकर्मियों पर भड़क गया। इशारों में कहा- वीडियो क्यों बना रहे हो। पेशी के दौरान शिवम मिश्रा बीमार नजर आ रहा था। उसके हाथ में वीगो लगी थी। रिश्तेदार उसे सहारा देते नजर आए।
पिता बोले- कमिश्नर झूठ बोल रहे
यूपी के बड़े तम्बाकू कारोबारी केके मिश्रा ने अपने बेटे को बचाने के लिए बहुत कोशिश की, उन्होंने 8 फरवरी को हुए हादसे के बाद घटनास्थल से पहले अपने बेटे को हटवाया और अपने ड्राइवर से यह बयान दिला दिया कि गाड़ी शिवम नहीं मैं चला रहा था. इसके बाद कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल सामने आए। कहा- गाड़ी कारोबारी का बेटा शिवम ही चला रहा था। जांच में इसकी पुष्टि हुई। कमिश्नर के इस बयान पर कारोबारी भड़क गए। कहा- कानपुर कमिश्नर झूठ बोल रहे हैं।
कोर्ट ने ड्राइवर की अर्जी ख़ारिज की
धवार को कानपुर कोर्ट में मोहन नाम का शख्स सरेंडर करने पहुंचा। उसने दावा किया कि हादसे के वक्त लेम्बोर्गिनी कार वह खुद चला रहा था। हालांकि, कोर्ट ने ड्राइवर मोहन की अर्जी खारिज कर दी और उसे लेम्बोर्गिनी केस में आरोपी नहीं माना। जिसके बाद पुलिस ने शिवम को गिरफ्तार किया और फिर कोर्ट ने शिवम को भी गैर जमानती धाराओं के चलते बरी कर दिया।
