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FY26 में K Krithivasan का पैकेज ₹28 करोड़ के पार, जाने TCS CEO Salary

K Krithivasan's package crosses ₹28 crore in FY26, know TCS CEO SalaryK Krithivasan's package crosses ₹28 crore in FY26, know TCS CEO Salary

K Krithivasan's package crosses ₹28 crore in FY26, know TCS CEO Salary

भारत की प्रमुख आईटी कंपनी टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज के सीईओ K Krithivasan का फाइनेंशियल ईयर 2026 का वार्षिक वेतन पैकेज करीब 28 करोड रुपए की पास पहुंच गया है। कंपनी के वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार उनका टोटल रैम्यूनरेशन करीब 28.1 करोड रुपए के आसपास दिख रहा है जो कि पिछले फाइनेंशियल वर्ष की तुलना में लगभग 6.3% की बढ़ोतरी दर्शाता है। बढ़ते इनकम मजबूत डील पाइपलाइन और प्रदर्शन आधारित इंसेंटिव को इस बढ़ोतरी का सबसे प्रमुख कारण बताया जा रहा है।

TCS CEO पैकेज में variable pay की भी हिस्सेदारी

K Krithivasan फाइनेंशियल ईयर 2026 के कुल वेतन पैकेज का सबसे बड़ा हिस्सा परफॉर्मेंस कमीशन का है। कंपनी के कुलसी के अनुसार उनका लगभग 1.67 करोड रुपए की बेसिक सैलरी, 1.43 करोड रुपए का अलाउंस और अन्य बेनिफिट्स के साथ-साथ करीब 25 करोड रुपए का कमीशन वेरिएबल पे के रूप में मिलता है।

बाजार विश्लेषकों की जानकारी के अनुसार भारत की आईटी सेक्टर में अब वरिष्ठ प्रबंधन के वेतन का सबसे बड़ा हिस्सा परफॉर्मेंस बेस्ड पर आधारित होता है इससे कंपनी के रेवेन्यू ग्रोथ प्रॉफिट मार्जिन और बड़े ग्लोबल कॉन्ट्रैक्ट से मैनेजमेंट इंटेंसिव जुड़ती है।

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कर्मचारी के सैलरी के मुकाबले 333 गुना अधिक remuneration

टीसीएस की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार सीईओ कंपनसेशन कंपनी के मेडियन एम्पलाई सैलेरी से लगभग 333 गुना अधिक है। इस आंकड़े से कॉर्पोरेट कंपनसेशन स्ट्रक्चर को लेकर एक नई बहस शुरू हो चुकी है। हालांकि कंपनी की ऑफिशियल बयान में बताया गया है कि रैम्यूनरेशन स्ट्रक्चर उद्योग मानक और कंपनी के परफॉर्मेंस के अनुसार ही तय होता है। स्टॉक एक्सचेंज डाटा के अनुसार फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी ने प्रॉफिटेबिलिटी और बड़ी डील में अपना एक स्थिर प्रदर्शन बनाए रखा है।

AI transition और restructuring के बीच चर्चा

TCS CEO remuneration ऐसे समय में देखा गया है जब ग्लोबल आईटी इंडस्ट्री आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के एडॉप्शन और कास्ट ऑप्शन फेस से गुजर रही है। फाइनेंशियल ईयर 2026 के दौरान कंपनी में हेड काउंट रेडिएशन और रिस्ट्रक्चरिंग एक्सपेंस में भी बढ़ोतरी देखी गई है। मार्केट विशेषज्ञों के मुताबिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ट्रांसफॉर्मेशन के कारण आईटी कंपनियां ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसी कारण से सीनियर लीडरशिप कंपनसेशन और वर्कफोर्स मैनेजमेंट दोनों पर निवेश करने वाले लोगों की नजर है।

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निवेशकों और IT सेक्टर का असर

IT sector investors के लिए यह खबर इसलिए जरूरी बताई जा रही है क्योंकि एग्जीक्यूटिव कंपनसेशन अक्सर कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटजी और प्रॉफिटेबिलिटी आउटलुक को दिखाती है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार टीसीएस अभी भी भारत की सबसे मजबूत आईटी कंपनियों में से एक है। लेकिन आने वाले समय में ग्लोबल डिमांड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पेंडिंग और क्लाइंट बजट सेक्टर के कारण इसकी दिशा तय होगी। शेयर बाजार में कंपनी का परफॉर्मेंस फिलहाल स्थिर देखा जा रहा है जबकि निवेश करने वाले लोग मैनेजमेंट कंट्री और आने वाले रिजल्ट पर नजर बनाए हुए हैं। केवल सीईओ के आधार पर किसी भी निवेश का फैसला रहना सही नहीं होता है यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है, इसलिए इसको निवेश की सलाह नहीं समझे।

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