Indian Healthy Palak Khichdi recipe : सेहत-स्वाद का परफेक्ट कॉम्बो डिश-पालक खिचड़ी-भारतीय रसोई में खिचड़ी को सबसे सरल, पौष्टिक और सुपाच्य भोजन माना जाता है। जब इसमें पालक का हरा रंग और सेहत का खजाना मिल जाता है, तो यह एक संपूर्ण आहार बन जाती है। पालक खिचड़ी न केवल स्वाद में बेहतरीन है बल्कि यह पौष्टिकता से भरपूर एक संतुलित भोजन है जो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए उपयुक्त है। यह डिश उन दिनों के लिए आदर्श है जब आप कुछ हल्का, स्वस्थ और जल्दी बनने वाला भोजन चाहते हैं। पालक खिचड़ी बनाने की आसान विधि, स्वास्थ्य लाभ और परोसने के टिप्स जानें। यह संपूर्ण भोजन सेहत और स्वाद का परफेक्ट कॉम्बो है, जो 30 मिनट में तैयार हो जाता है। पालक, चावल और मूंग दाल से बनी यह डिश पौष्टिकता से भरपूर है।
पालक खिचड़ी बनाने की आवश्यक सामग्री
पालक – 1 कप (बारीक कटा हुआ)
चावल – ½ कप (बासमती या सामान्य चावल)
मूंग दाल – ¼ कप (छिलके वाली)
घी – 1 टेबलस्पून
जीरा – 1 टीस्पून
लहसुन – 3 कलियाँ (बारीक कटी हुई)
नमक – स्वादानुसार
हल्दी पाउडर – ½ टीस्पून
पानी – 3 कप (लगभग)

पालक खिचड़ी की बनाने की विधि
दाल-चावल की तैयारी-½ कप चावल और ¼ कप मूंग दाल को अलग-अलग अच्छी तरह धो लें।
इन्हें 15-20 मिनट के लिए पानी में भिगो दें।
प्रेशर कुकर में पकाना-प्रेशर कुकर में भीगे हुए चावल और दाल डालें,अब इसमें कटा हुआ पालक, हल्दी पाउडर, नमक और 3 कप पानी मिलाएं। कुकर का ढक्कन बंद करके मध्यम आंच पर 3-4 सीटी आने तक पकाएं,सीटी बंद होने के बाद ढक्कन खोलें और खिचड़ी को अच्छी तरह मिलाएं।
तड़का तैयार करना-एक छोटी कढ़ाही में 1 टेबलस्पून घी गरम करें,गरम घी में जीरा डालकर चटकने दें। अंत में इसमें बारीक कटा लहसुन डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें।
तड़का चढ़ाना-तैयार तड़के को पकी हुई खिचड़ी पर डालें,हल्के हाथों से सब कुछ मिलाएं और यदि खिचड़ी ज्यादा गाढ़ी लगे तो थोड़ा गरम पानी मिला सकते हैं।
पालक खिचड़ी के स्वास्थ्य लाभ
पोषक तत्वों का पावरहाउस-पालक खिचड़ी में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, आयरन, कैल्शियम और विटामिन्स का संतुलित मिश्रण होता है। मूंग दाल प्रोटीन का उत्कृष्ट स्रोत है, चावल ऊर्जा प्रदान करता है और पालक में आयरन, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं।
विशेष स्वास्थ्य लाभ
सुपाच्य भोजन-बीमारी या पाचन समस्याओं में आदर्श भोजन
ऊर्जा बूस्टर-तुरंत ऊर्जा प्रदान करती है
प्रतिरक्षा बढ़ाने वाली-पालक में मौजूद विटामिन्स प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत करते हैं
एनीमिया रोकथाम-आयरन से भरपूर पालक खून की कमी दूर करने में सहायक

परोसने के सुझाव
पालक खिचड़ी को और भी स्वादिष्ट बनाने के लिए-दही या रायता के साथ परोसें। इसे पापड़ या अचार के साथ खाएं
घी की कुछ बूंदें और ऊपर से डालें चाहे हो निम्बू का रस निचोड़ कर खाएं।
बदलाव और विविधताएं
वेजिटेबल खिचड़ी-इसमें गाजर, मटर, बीन्स भी मिला सकते हैं।
मसालेदार वर्जन-हरी मिर्च, अदरक और गरम मसाला मिलाएं।
लो-कार्ब वर्जन-चावल की जगह क्विनोआ या दलिया का प्रयोग करें।
शिशु आहार-मसाले कम डालकर नरम खिचड़ी बनाएं।
निष्कर्ष-संपूर्ण भोजन की परिभाषा,पालक खिचड़ी भारतीय कंफर्ट फूड की सबसे बेहतरीन मिसाल है। यह न केवल बनाने में आसान है बल्कि स्वास्थ्यवर्धक भी है। व्यस्त जीवनशैली में जब समय कम हो और पौष्टिक भोजन की आवश्यकता हो, तो पालक खिचड़ी एक आदर्श विकल्प है। यह डिश इस बात का उदाहरण है कि साधारण सामग्री से भी अद्भुत स्वाद और सेहत का संगम तैयार किया जा सकता है, अगली बार जब आप कुछ हेल्दी, आसान और स्वादिष्ट बनाना चाहें, तो इस पालक खिचड़ी को अवश्य आजमाएं।
