India US Trade Agreement : वाणिज्य मंत्रालय ने प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर भारत और अमेरिका के बीच मंगलवार को हुई वार्ता को सकारात्मक और दूरदर्शी बताया। भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्ष जल्द से जल्द एक पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के प्रयासों में तेज़ी लाने पर सहमत हुए हैं। वाणिज्य विभाग के विशेष सचिव राजेश अग्रवाल ने भारतीय पक्ष का नेतृत्व किया, जबकि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सहायक व्यापार प्रतिनिधि (दक्षिण और पश्चिम एशिया) ब्रेंडन लिंच ने किया।
ब्रेंडन लिंच सोमवार शाम दिल्ली पहुँचे। India US Trade Agreement
इस बातचीत में भाग लेने के लिए ब्रेंडन लिंच सोमवार शाम दिल्ली पहुँचे। मंगलवार को दोनों पक्षों ने प्रस्तावित व्यापार समझौते से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की। यह चर्चा पूरे दिन चली और इसके बाद मंत्रालय ने एक बयान जारी किया। मंत्रालय ने कहा कि बातचीत रचनात्मक रही और भविष्य के लिए एक ठोस आधार तैयार किया गया है। प्रस्तावित व्यापार समझौते पर अब तक भारत और अमेरिका के बीच 5 दौर की वार्ता हो चुकी है। अगस्त के अंतिम सप्ताह में होने वाली छठे दौर की वार्ता टैरिफ संबंधी तनाव के कारण स्थगित कर दी गई थी।
मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के अनुकूल रुख़ के चलते दूर हुआ था गतिरोध ।
अमेरिकी सहायक व्यापार प्रतिनिधि लिंच के साथ अग्रवाल की इस बातचीत को व्यापार वार्ता को पटरी पर लाने की एक कोशिश माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अगस्त में भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ़ लगाए जाने के बाद से व्यापार समझौता अधर में लटक गया था। हालाँकि, पिछले हफ़्ते ट्रंप के सकारात्मक बयान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुकूल रुख़ ने इस गतिरोध को दूर करने का माहौल बनाने का काम किया है।
अमेरिका भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ़ लगा रहा है। India US Trade Agreement
आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने इसी साल जुलाई के अंत में भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ़ लगाने का ऐलान किया था। इसके साथ ही उन्होंने रूस से कच्चा तेल ख़रीदने पर भारत पर अलग से जुर्माना लगाने की बात कही थी। जिसके बाद ट्रंप ने रूस से कच्चा तेल ख़रीदने पर जुर्माने के तौर पर भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ़ लगा दिया। भारत पर शुरुआती 25 प्रतिशत टैरिफ़ 7 अगस्त से लागू हुआ था। जबकि रूस से तेल ख़रीदने के कारण अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ़ 27 अगस्त से लागू हुआ है। इसके अतिरिक्त, भारतीय निर्यात पर अब 50 प्रतिशत टैरिफ लगेगा।
