Site iconSite icon SHABD SANCHI

भारत पोलियो-फ्री है फिर भी क्यों चल रहा Pulse Polio अभियान?

India is polio-free; why is the Pulse Polio campaign still running? Find out the reason.India is polio-free; why is the Pulse Polio campaign still running? Find out the reason.

India is polio-free; why is the Pulse Polio campaign still running? Find out the reason.

भारत को साल 2014 में पोलियो मुक्त घोषित किया जा चुका है लेकिन इसके बावजूद देश में Pulse Polio का अभियान नियमित रूप से चलाया जाता है। कई लोगों के मन में ऐसा सवाल आता है कि जब पोलियो खत्म हो चुका है तो बच्चों को पोलियो की दवा क्यों पिलाई जाती है। इसकी वजह है कि बच्चों को इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखना और भविष्य में ऐसे किसी वायरस को रोकना होता है।

पोलियो-मुक्त होने के बाद भी क्यों जरूरी Pulse Polio?

हमारे देश भारत में कई सालों से पोलियों का कोई मामला सामने नहीं आया है लेकिन दुनिया के कुछ देश जैसे पाकिस्तान अफ़गानिस्तान आदि में अभी भी पोलियो के वायरस मौजूद है। अंतर्राष्ट्रीय यात्रा और लोगों के आने-जाने से यह वाइरस हमारे देश में भी पहुंच सकता है यही कारण है कि भारत में Pulse Polio अभियान अभी भी जारी है ताकि हर बच्चा गर्भ में सुरक्षित रहे और बीमारी दोबारा पैर ना पसार सके।

ये भी पढ़े: Pregnancy से पहले क्यों दी जा रही हैं GLP-1 Weight Loss दवाएं? जानिए

आखिर किन बच्चों को पिलाई जाती हैं पोलियो की दो बूंद?

इस अभियान में जन्म से लेकर 5 साल तक के सभी बच्चों को पोलियो की बूंदे पिलाई जाती है चाहे बच्चों को नियमित टीकाकरण के तहत पोलियो वैक्सीन मिला हो या फिर अभियान के दौरान उसे पोलियो की एक्स्ट्रा खुराक दी जाती है। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और मजबूत होती है। हल्की सर्दी खांसी या फिर बुखार होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही पोलियो ड्राप दी जाती है।

OPV और IPV में क्या अंतर होता है?

पोलियो से बचाव के लिए आमतौर पर दो तरह की वैक्सीन का इस्तेमाल किया जाता है पहले होती है ओरल पोलियो वैक्सीन जिसे मुंह के जरिए दो बन पिलाया जाता है और यही पल्स पोलियो अभियान में दी भी जाती है। दूसरी वैक्सीन है आईएनएक्टिवेटेड पोलियो वैक्सीन जो की इंजेक्शन के रूप में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम का एक हिस्सा है दोनों वैक्सीन बच्चों को पोलियो से बचाने में भूमिका निभातीहै।

हर साल अभियान चलाने का बड़ा कारण

हमारे देश में हर साल लाखों बच्चों का जन्म होता है अगर नए बच्चों को समय पर पोलियो से सुरक्षा नहीं मिलेगी तो बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए सरकार और डॉक्टर क्या सुनिश्चित करते हैं कि 5 साल से कम उम्र का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रह पाए यह अभियान सामूहिक प्रतिरक्षा बनाए रखने की मदद करता है।

ये भी पढ़े: Women’s Wellness And Cervical Cancer : महिलाओं में तेजी से बढ़ रहा सर्वाइकल कैंसर का खतरा

माता-पिता को इसके लिए क्या करना चाहिए?

डॉ सलाह देते हैं कि जब भी आपके क्षेत्र में Pulse Polio अभियान होता है तो 5 साल से कम उम्र के बच्चे को पोलियो की दो बूंद जरूर पिलाई अगर बच्चे का नियमित टीकाकरण हो चुका है तब भी बच्चे को अतिरिक्त खुराक दिलाए।

Exit mobile version