HPV Vaccine अभियान शुरू, सर्वाइकल कैंसर को रोकने का लक्ष्य

HPV Vaccine Campaign Launched, Aims to Prevent Cervical Cancer

भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत 28 फरवरी से पूरे भारत में HPV vaccine अभियान की शुरुआत की गई है। इस कार्यक्रम के शुरू करने का उद्देश्य किशोर उम्र के लड़कियों को गंभीर संक्रमण से बचकर भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरों को कम करना है। सरकार का ऐसा मानना है कि यह कदम लंबे समय से महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को बेहतर बनाने में मदद करने वाली है।

HPV Vaccine Campaign Launched, Aims to Prevent Cervical Cancer

HPV Vaccine ड्राइव की शुरुआत और इसका उद्देश्य

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत की है जिसका मुख्य लक्ष्य 14 साल की उम्र की लड़कियों को एसपीबी से सुरक्षा देना है। एचपीवी यानी हुमन पपिल्लोमा वायरस संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का सबसे प्रमुख कारण बताया जा रहा है ये वैक्सीनेशन अभियान इसे रोकने पर आधारित है।

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सर्वाइकल कैंसर से बचाव पर ध्यान

भारत में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में सबसे आम कैंसर में से एक है। डॉक्टर के अनुसार HPV से होने वाला संक्रमण इसके अधिकांश मामलों के लिए जिम्मेदार होता है ऐसे में HPV vaccine को बड़े स्तर पर उपलब्ध कराना भविष्य के कैंसर के मामलों को कम करने के प्लानिंग का हिस्सा है। डॉक्टर के अनुसार ये वैक्सीन संक्रमण की शुरुआती रिस्क को कम करने में मदद करती है जिससे आगे चलकर गंभीर बीमारी की संभावनाएं घट जाती है।

कहां और कैसे मिलेगा आपको HPV Vaccine

एचपीवी वैक्सीन एक प्रकार का टीकाकरण अभियान है जो देश भर के सरकारी स्वास्थ्य केदो के माध्यम से चलाया जाने वाला है। इसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज शामिल होने वाले हैं। इस अभियान की शुरुआती चरण में इसे विशेष रूप से चलाया जाएगा इसके बाद इसे नियमित टीकाकरण व्यवस्था से जोड़ने की प्लानिंग की जा रही है। जब प्रक्रिया पूरी तरह से इच्छा अनुसार होगी इसमें टीका लेने वाले लोगों की अनुमति जरूरी है।

नीति स्तर पर HPV का महत्व

HPV vaccine को पब्लिकली रूप से सभी स्वास्थ्य केंटो पर दिया जाएगा अब तक स्वास्थ्य व्यवस्था का ध्यान इलाज पर ही केंद्रीय रहता था लेकिन अब यह अभियान बीमारी होने से पहले रोकने की दिशा में आगे बढ़ने का संकेत देता है। यदि इस कार्यक्रम का प्रभाव होता है तो या महिला स्वास्थ्य कुछ सुधारने की दिशा में एक अच्छा कदम हो सकता है।

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जागरूकता ही है सफलता की कुंजी

हालांकि नीति स्तर पर ये पहल एक महत्वपूर्ण पहल होने वाली है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी जानकारी की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच जैसी चुनौतियां देखी जा सकती है इसलिए स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जागरूकता अभियान चलाना भी उतना ही जरूरी बताया जा रहा है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी अधिक से अधिक किशोर उम्र की लड़कियों को इसका लाभ मिले। अगर यह अभियान सही तरीके से काम करता है तो आने वाले सालों में महिला स्वास्थ्य में सुधार देखा जा सकता है।

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