2047 तक भारत विकसित देश कैसे बनेगा? जानें Vision India 2047 का मास्टरप्लान 

How India Will Become Developed Country

केंद्र सरकार ने देश को एक विजन दिया है, यह विजन भारत को साल 2047 तक डेवलप्ड देश बनाने का है

What Is Vision 2047 In Hindi: भारत बीते 9 वर्षों में दुनिया की 9वीं अर्थव्यवस्था से पांचवी सबसे बड़ी इकोनॉमी वाला देश बन गया है. विकसित देश जैसे इटली, रूस, कनाडा, फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम से भी बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश भारत है. अब सवाल यही उठता है कि जब डेवलप्ड देश भी अर्थव्यवस्था में डेवलपिंग देश इंडिया से पीछे हैं तो भारत कब एक विकसित देश कहलाएगा? सरकार, उद्योगों और देश की जनता को यह मुकाम हासिल करने के लिए क्या-क्या करना पड़ेगा? 

भारत विकसित देश कब बनेगा

When India Will Become A Developed Nation: भारत विकसित देश कब बनेगा और कैसे बनेगा? यह सवाल हर भारतीय के मन में है, लेकिन इसका जवाब अबतक किसी के पास नहीं था. लेकिन केंद्र सरकार ने भारत को विकसित बनाने का समय और नजरिया दोनों ही जनता के सामने पेश कर दिया है. भारत सरकार ने साल 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है. यानी जब भारत अपनी आजादी की 100वीं सालगिरह मनाएगा तब यह विकासशील देश के रूप में नहीं बल्कि एक विकसित देश कहलाएगा।

भारत विकसित देश कैसे बनेगा? 

How India Will Become A Developed Country: केंद्र सरकार ने भारत को साल 2047 एक विकसित देश में तब्दील करने के लिए पूरा मास्टरप्लान तैयार कर लिया है. Vision India 2047 लक्ष्य के 5 उद्देश्यों को पूरा कर हम अपने देश को एक डेवलप्ड कंट्री बना सकते हैं.

मजबूत इकोनॉमी 

किसी भी देश के विकास में सबसे बुनियादी जरूरत होती है स्वस्थ अर्थव्यवस्था. केंद्र सरकार अगले 5 सालों में देश की इकोनॉमी को 5 ट्रिलियन तक पहुंचाना चाहती है. ऐसा करके भारत अर्थव्यवथा के मामले में जापान और जर्मनी को पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन जाएगा. 

किसी भी देश की आर्थिक सेहत उसकी GDP से जानी जाती है. जैसे दुनिया में सबसे मजबूत इकोनॉमी वाला देश अमेरिका है. जिसकी DGP 26.85 ट्रिलियन डॉलर है. 

दूसरे नंबर पर चीन है जिसकी GDP 19 ट्रिलियन डॉलर है 

तीसरे स्थान में जापान है जिसकी GDP 4.41 ट्रिलियन डॉलर है 

चौथे स्थान में जर्मनी है जिसकी GDP 4.31 ट्रिलियन डॉलर है 

पांचवे स्थान में भारत है, देश की GDP वर्तमान में 3.74 ट्रिलियन डॉलर है. 

प्रति व्यक्ति आय बढ़ानी होगी

किसी भी देश के विकसित कहलाने का पैमाना वहां के रहने वाले लोगों की Per Capita Income यानी प्रति व्यक्ति आय पर भी मापा जाता है. भारत इस मामले में काफी पीछे है मगर आगे बढ़ रहा है. वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट 2022 के मुताबिक भारत में प्रति व्यक्ति आए 2,388.6 डॉलर है, जबकि अमेरिका में 76,399 डॉलर और चीन में 12,720 डॉलर है. अगर 2047 तक देश को विकसित बनाना है तो प्रति व्यक्ति आय को बढ़ाना होगा।

औद्योगीकरण 

जिस देश में जितना अधिक इंडस्ट्रीयलाइजेशन होता है उसे उतना अधिक विकसित माना जाता है. क्योंकी उद्योग ना सिर्फ रोजगार देता है बल्कि इंपोर्ट को कम कर एक्सपोर्ट को बढ़ावा देता है. भारत अपनी मूलभूत जरूरतों को पूरा करने के लिए निर्यात से ज्यादा आयात करता है. साल 2022-23 में भारत का एक्सपोर्ट 36.20 लाख करोड़ का रहा और इम्पोर्ट 57.33 लाख करोड़ का. 

यहां इंडस्ट्री कम हैं, इसी लिए एक्सपोर्ट में हिस्सेदारी भी कम है. WTO (World Trade Org.) के अनुसार ग्लोबल एक्सपोर्ट के मामले में भारत का शेयर सिर्फ 2% है. सरकार 2027 तक इसे 3% और 2047 तक 10% बढ़ाना चाहती है.

बुनियादी जरूरतें

किसी देश की अर्थव्यवस्था दुरुस्त हो, खूब उद्योग हों लेकिन वहां जनता के पास रहने के लिए घर, पढ़ने के लिए अच्छी स्कूल, चलने के लिए सड़क, इलाज के लिए अच्छे अस्पताल ना हों तो भी वह विकसित राष्ट्र नहीं हो सकता। भारत को विकसित देश बनाने के लिए Human Development पर ध्यान देना बेहद जरूरी है. कोई देश कितना विकसित है यह पता करने के लिए उसका Human Development Index देखा जाता है. 

इसमें देश की मूलभूत जरूरतें, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, लाइफ स्टाइल आदि को देखा जाता है. 

2021 के HDI में भारत 191 देशों की लिस्ट में 132वें नंबर पर था, USA 21वें और चाइना 79वें स्थान पर था. HDI के मामले में स्विट्ज़रलैंड हमेशा आगे रहता है

गरीबी कम करनी होगी

इंटरनेशनल लेबर ओर्गनइजेशन के मुताबिक एक विकसित और विकासशील देश के बीच का सबसे बड़ा फर्क वहां की गरीबी का अंतर होता है. World Bank के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति हर दिन 2.15 डॉलर यानी 170 रुपए से कम कमाई करता है तो वह गरीब कहलाता है।  लेकिन भारत में सरकार मानती है कि अगर गांव में रहने वाला व्यक्ति हर दिन 26 रुपए और शहर में रहने वाला हर दिन 32 रुपए खर्च करता है तो वह गरीब नहीं है. वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट की मानें तो देश में 23 करोड़ लोग गरीब हैं. 

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