Sonam Raghuvanshi Bail : मध्य प्रदेश के इंदौर जिले की सोनम रघुवंशी तो याद होगी, जी हाँ, वही सोनम जिसने अपने प्रेमी राज के साथ मिलकर हनीमून पर लेजाकर अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या करवा दी थी। सोनम और राज मेघालय की शिलॉन्ग जेल में बंद हैं। लेकिन, मंगलवार को मेघालय हाईकोर्ट ने सोनम रघुवंशी को कुछ शर्तोँ के साथ रिहा कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले ने सभी को चौंका दिया है, क्योंकि जिस राजा की हत्या के आरोप में राज अभी भी जेल में बंद है, उस हत्याकांड की मास्टरमाइंड खुद सोनम रघुवंशी ही थी। आइए जानते हैं कि आखिर कोर्ट ने सोनम को जमानत क्यों दी।
कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को जमानत क्यों दी?
मेघालय में हनीमून के दौरान अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में सोनम रघुवंशी को आखिरकार जमानत मिल गई है। लेकिन इस जमानत का कारण है एक छोटी सी गलती, यानी पुलिस के ‘टाइपो एरर’ ने खेल पलट कर रख दिया है। ये जवाब मेघालय पुलिस ने कोर्ट को दिया है। जब कोर्ट ने पुलिस से पूछा कि सोनम रघुवंशी को गिरफ्तार किस आरोप में किया गया है, दस्तावेजों में ऐसी कोई धारा ही नहीँ दर्ज थी, जिससे सोनम दोषी साबित हो। यहां तक कि खुद मुजरिम सोनम को भी पुलिस ने ये नहीँ बताया कि उसपर क्या आरोप है और क्या चार्ज लगा है। इन आधार पर कोर्ट ने सोनम को जमानत दे दी।
पुलिस ने कहा- FIR में टाइपिंग एरर हो गई
दरअसल, पहली FIR में राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में धारा 403 (1) का उल्लेख किया गया था। लेकिन, यह धारा भारतीय दंड संहिता की नहीं, बल्कि एक नई अधिनियम BNS की थी, जो 1 जुलाई 2024 को लागू हुई थी। और इस BNS में कोई भी धारा 403 (1) जैसी नहीं है। इस गलती को कोर्ट ने पकड़ लिया, और कहा कि, “यह संभवतः एक टाइपिंग की गलती हो सकती है, लेकिन दस्तावेजों में ऐसी गलती का होना बेहद दुर्लभ है।”
सोनम को नहीँ बताया गया क्यों गिरफ्तारी हुई
कोर्ट ने कहा कि पुलिस ने गिरफ्तारी के कारणों के बारे में भी सही जानकारी नहीं दी गई। गिरफ्तारी का कारण बताने वाले दस्तावेजों में भी सोनम को यह सूचित नहीं किया गया था कि उसे BNS की धारा 103(1) के तहत गिरफ्तार किया गया है। इतना ही नहीं, कोर्ट ने यह भी माना कि जब सोनम को पहली बार गाजीपुर कोर्ट में पेश किया गया, उस समय उनके पास वकील मौजूद नहीं थे, जो कि एक और गंभीर लापरवाही है।
इन 4 शर्तोँ पर सोनम रघुवंशी को मिली जमानत
बता दें कि इन सभी कारणों को ध्यान में रखते हुए, कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को चार शर्तों के साथ जमानत दी है। इनमें सबसे पहली, कि वह फरार नहीं होगी और सबूतों या गवाहों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगी। दूसरी, कोर्ट की हर तारीख पर हाजिर रहेगी। तीसरी, कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से बाहर नहीं जाएगी। और अंत में, 50,000 रुपये का निजी मुचलका भरेगी।
9 जून को गाज़ीपुर से गिरफ्तार हुई थी सोनम
गौरतलब है कि राजा रघुवंशी ने 11 मई 2025 को सोनम से शादी की थी। हनीमून मनाने के लिए ये दोनों मेघालय गए थे, लेकिन कुछ ही दिनों बाद, राजा का शव जंगल में पाया गया। सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा और तीन अन्य हत्यारों के साथ मिलकर, राजा की हत्या की योजना बनाई थी। हत्या के बाद, सोनम और उसके साथी 9 जून को गाजीपुर में मिले, और सोनम को हिरासत में ले लिया गया। इस पूरे मामले में, सोनम पर आरोप था कि उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर राजा की हत्या की साजिश रची और हत्या को हादसा बनाने की कोशिश की।
फिलहाल, एक छोटी सी पुलिस रिकॉर्ड की गलती ने सोनम रघुवंशी को जमानत दिला दी और इस तरह से एक निर्मम हत्याकांड का पूरा खेल पलट गया। राजा रघुवंशी की माँ का कहना है कि यह सब पैसे के दम पर हो रहा है। उन्होंने कहा कि महिला कार्ड खेल कर सोनम जेल से बाहर आ गई है।

