Homemade Ayurvedic Amla Chyawanprash Recipe : इम्युनिटी बढ़ाने,सर्दी-खांसी व कमजोरी दूर करने असरदार रेसिपी-आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कमजोर इम्युनिटी, बार-बार सर्दी-खांसी, थकान और पाचन संबंधी समस्याएं आम हो गई हैं। ऐसे में आयुर्वेदिक आंवला च्यवनप्राश एक प्रभावी घरेलू उपाय है, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है। आंवला विटामिन C का बेहतरीन स्रोत है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, जबकि इसमें मिलाए जाने वाले औषधीय मसाले जैसे अश्वगंधा, शतावरी, पिप्पली, तुलसी और शहद शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं। इस लेख में हम आपको घर पर शुद्ध, सुरक्षित और आयुर्वेदिक तरीके से आंवला च्यवनप्राश बनाने की आसान रेसिपी बता रहे हैं, जिसे आप लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं। घर पर बनाएं आयुर्वेदिक आंवला च्यवनप्राश की आसान रेसिपी साथ ही जानें सामग्री, विधि, सेवन तरीका और इसके स्वास्थ्य लाभ। इम्युनिटी बढ़ाने का असरदार घरेलू उपाय इस लेख के माध्यम से ।
घर पर आंवला च्यवनप्राश बनाने की आवश्यक सामग्री
आंवला – 1 किलो
अदरक – 50 ग्राम
गुड़ – 500 ग्राम
मिश्री – 250 ग्राम
खजूर – 200 ग्राम (बीज निकाले हुए)
देसी घी – 3 से 4 बड़े चम्मच
अश्वगंधा – 20 ग्राम
शतावरी (Satavari) – 20 ग्राम
पिप्पली – 10 नग
सूखा अदरक – 20–30 ग्राम
काली मिर्च साबुत – 1 बड़ा चम्मच
लौंग – 10
हरी इलायची – 10
नमक – 1 छोटा चम्मच
काला नमक – 1 छोटा चम्मच
तुलसी के पत्ते – 10
बादाम – 20 ग्राम
अखरोट – 20 ग्राम
हल्दी पाउडर / कच्ची हल्दी – ½ छोटा चम्मच
शहद – 100 मिलीलीटर

आयुर्वैदिक आंवला च्यवनप्राश बनाने की विधि
आंवले की तैयारी-आंवले धोकर स्टीमर में उबालें या कुकर में 1-2 सीटी लगाएं। ठंडा होने पर बीज निकालकर मिक्सी में पेस्ट बना लें।
मिश्रण तैयार करें-एक भारी तले के बर्तन में देसी घी गर्म करें। उसमें आंवले का पेस्ट डालकर धीमी आंच पर भूनें, जब तक रंग थोड़ा गहरा न हो जाए।
खजूर, मिश्री और गुड़ मिलाएं-खजूर बारीक काटकर, मिश्री और गुड़ के साथ आंवले के मिश्रण में डालें। 10–12 मिनट तक पकाएं, जब तक सब अच्छी तरह घुल न जाए।
मसाला पाउडर तैयार करें-अश्वगंधा, शतावरी, पिप्पली, सूखा अदरक, काली मिर्च, लौंग, इलायची और हल्दी पीसकर महीन पाउडर बना लें। इसमें नमक, काला नमक और तुलसी पत्ते भी मिलाएं।
पाउडर मिलाएं-मसाला पाउडर और बादाम-अखरोट का पाउडर मिश्रण में डालकर 5-7 मिनट तक चलाएं।
ठंडा करके शहद मिलाएं-गैस बंद कर मिश्रण को पूरी तरह ठंडा होने दें। फिर शहद मिलाकर अच्छी तरह मिक्स करें।
स्टोर कैसे करें-तैयार च्यवनप्राश को कांच के जार में भरकर ठंडी और सूखी जगह पर रखें।

सेवन विधि और फायदे
आइए अब जानें आयुर्वैदिक च्यवनप्राश खाने का सही तरीका
प्रतिदिन सुबह और रात 1-2 चम्मच गुनगुने दूध या पानी के साथ लें।
आयुर्वैदिक च्यवनप्राश खाने फायदे
इम्युनिटी बढ़ाता है,सर्दी-खांसी और जुकाम में राहत,पाचन शक्ति मजबूत करता है,कमजोरी और थकान दूर करता है
बालों और त्वचा को पोषण देता है और खून की कमी को पूरा करने में भी सहायक होता है।
निष्कर्ष-घर पर बना आयुर्वेदिक आंवला च्यवनप्राश न केवल शुद्ध और सुरक्षित होता है, बल्कि बाजार के केमिकल युक्त उत्पादों से कहीं अधिक फायदेमंद भी है। नियमित सेवन से शरीर मजबूत बनता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और आप स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। यदि आप प्राकृतिक और घरेलू उपायों में विश्वास रखते हैं, तो यह रेसिपी आपके लिए बेहद उपयोगी है।
