High blood pressure को अब तक खराब लाइफस्टाइल और खान-पान में जुड़ी गलतियों से समस्या होना माना जाता था। लेकिन हाल ही में डॉक्टर के द्वारा किए जाने वाले एक रिसर्च में इसके कारण को लेकर एक नई बहस पता चली है। वैज्ञानिकों के अनुसार दिमाग का एक खास हिस्सा ब्लड प्रेशर को बढ़ाने में हमारे शरीर में अहम भूमिका निभाता है।

क्या है High blood pressure और दिमाग का कनेक्शन
नहीं रिचार्ज में पाया गया है कि दिमाग का लैटरल पारा फेशियल रीजन केवल सांस को ही नियंत्रित नहीं करता है बल्कि यह ब्लड प्रेशर को भी प्रभावित कर सकता है। इस रिसर्च से हमें पता चलता है कि हाई ब्लड प्रेशर का संबंध केवल दिल या किडनी से नहीं बल्कि दिमाग से भी हो सकता है।
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क्या हुआ है रिसर्च में खुलासा?
इस रिसर्च में वैज्ञानिकों ने जानवरों पर टेस्ट किए हैं जिसमें देखा कि जब इस ब्रेन एरिया की गतिविधि बढ़ती है तो शरीर का सिंपैथेटिक नर्वस सिस्टम एक्टिव हो जाता है जिससे ब्लड वेसल्स सिकुड़ने लगते हैं और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। जब इस हिस्से को निष्क्रिय किया गया तो हमारा ब्लड प्रेशर बिल्कुल ही सामान्य हो गया।
क्या है सांस की समस्या से इसका जुड़ाव
वैज्ञानिकों की रिसर्च में हमें पता चला है कि स्लीप अपनेआ जैसी स्थिति जिसमें किसी व्यक्ति की सांस बार-बार रुक जाती हैं High blood pressure को बढ़ाने में मदद करती है जिसका कारण यही ब्रायन एरिया होता है जो सास और बीपी के बीच के संबंध को बनाता है।
ये इलाज के नए रास्ते खोल सकते हैं
High blood pressure से जुड़ी इस खोज से भविष्य के इलाज में बदलाव आ सकता है अब तक दबाव के जरिए ही ब्लड प्रेशर को कंट्रोल किया जा रहा था लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर दिमाग के हिस्से को टारगेट किया जाए तो बीपी का इलाज प्रभावी हो सकता है।
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इसमें अभी और रिसर्च की जरूरत
हालांकि वैज्ञानिकों की यह खोज बहुत महत्वपूर्ण है लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह बताया गया है कि इसे पूरी तरह से भी लागू नहीं किया जा सकता इस पर अभी अच्छी तरह अध्ययन करना बहुत जरूरी है।
