उत्तर और मध्य भारत के बड़े हिस्से इस समय भीषण गर्मी की चपेट में हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा Heatwave Alert जारी करते हुए बताया है कि उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में स्थिति गंभीर बनी हुई है। राजस्थान के कई जिलों में पारा 48 डिग्री सेल्सियस के स्तर को छू रहा है, वहीं यूपी-बिहार में ‘कातिल’ लू (Loo) ने लोगों का घरों से निकलना दूभर कर दिया है। प्रशासन ने इस भीषण गर्मी को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
राजस्थान बना ‘आग का गोला’, रिकॉर्ड तोड़ तापमान
मरुस्थलीय राज्य राजस्थान में इस समय सूरज की तपिश अपने चरम पर है। जैसलमेर, बाड़मेर और फलोदी जैसे जिलों में तापमान 47 से 48 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, थार मरुस्थल से उठने वाली गर्म हवाओं ने पूरे राज्य को ‘आग का गोला’ बना दिया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और गर्म हवा के थपेड़े शरीर को झुलसा रहे हैं।
Heatwave Alert: यूपी और बिहार में रेड अलर्ट जारी
उत्तर प्रदेश और बिहार के मैदानी इलाकों में नमी और लू के मेल ने उमस भरी गर्मी को जानलेवा बना दिया है। मौसम विभाग ने इन राज्यों के लिए Heatwave Alert जारी करते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट की घोषणा की है। विशेष रूप से पूर्वांचल और पश्चिम बिहार के जिलों में ‘वेट बल्ब’ तापमान बढ़ने की आशंका है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। यहाँ दिन का तापमान सामान्य से 5-7 डिग्री अधिक बना हुआ है।
क्या होती है ‘कातिल’ लू और यह क्यों है खतरनाक?
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो जब मैदानी इलाकों का तापमान 40 डिग्री और पहाड़ी क्षेत्रों का 30 डिग्री से ऊपर चला जाता है, तब लू की स्थिति बनती है। लेकिन जब यह सामान्य से 6 डिग्री अधिक हो जाए, तो इसे ‘भीषण लू’ (Severe Heatwave) कहा जाता है। Heatwave Alert के दौरान चलने वाली ये हवाएं शरीर में पानी की कमी (Dehydration) और हीट स्ट्रोक का मुख्य कारण बनती हैं। यह स्थिति बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार व्यक्तियों के लिए घातक साबित हो सकती है।
स्कूलों के समय में बदलाव और सरकारी गाइडलाइंस
भीषण गर्मी को देखते हुए यूपी और बिहार के कई जिलों में जिला प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव कर दिया है। अधिकांश स्कूलों को दोपहर 12 बजे से पहले बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है ताकि हीट स्ट्रोक के मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके। मनरेगा और अन्य बाहरी कार्यों के लिए भी दोपहर के समय ब्रेक अनिवार्य करने पर विचार किया जा रहा है।
IMD की भविष्यवाण: कब मिलेगी राहत?
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 4-5 दिनों तक राहत मिलने के आसार कम हैं। हालांकि, एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने की संभावना है, जिससे धूल भरी आंधी चल सकती है, लेकिन तापमान में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है। Heatwave Alert की यह स्थिति जून के पहले सप्ताह तक जारी रह सकती है, जब तक कि मानसून की शुरुआती हलचल उत्तर भारत की ओर नहीं बढ़ती।
गर्मी से बचाव के लिए जरूरी उपाय
चिकित्सकों के अनुसार, इस मौसम में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। बाहर निकलते समय सिर को सूती कपड़े से ढकें और अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करें। प्यास न लगने पर भी पानी पीते रहें। ओआरएस (ORS), नींबू पानी और ताजे फलों का रस शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।
(FAQs)
1. हीटवेव (Heatwave) या लू किसे कहते हैं?
जब किसी मैदानी इलाके का अधिकतम तापमान 40°C या उससे अधिक हो जाए और सामान्य से कम से कम 4.5°C अधिक हो, तो उसे मौसम विभाग ‘हीटवेव’ घोषित करता है। यदि तापमान सामान्य से 6.4°C से ज्यादा बढ़ जाए, तो इसे ‘भीषण लू’ (Severe Heatwave) कहा जाता है।
2. राजस्थान, यूपी और बिहार में ही इतनी गर्मी क्यों पड़ रही है?
राजस्थान में थार मरुस्थल की निकटता और पाकिस्तान की ओर से आने वाली गर्म-शुष्क हवाओं (Anti-cyclone) के कारण तापमान तेजी से बढ़ता है। उत्तर प्रदेश और बिहार में पछुआ हवाएं और ‘हीटिंग इफेक्ट’ की वजह से लू का असर ज्यादा रहता है।
3. हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
तेज सिरदर्द, चक्कर आना, जी मिचलाना, शरीर का तापमान 104°F तक पहुंच जाना, मांसपेशियों में ऐंठन और पसीना आना बंद हो जाना हीट स्ट्रोक के प्रमुख लक्षण हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
4. क्या इस साल मानसून समय पर आएगा?
मौसम विभाग के अनुसार, केरल में मानसून की एंट्री के बाद ही उत्तर भारत में राहत की उम्मीद की जा सकती है। फिलहाल जारी Heatwave Alert के बीच मानसून की चाल सामान्य रहने का अनुमान है, जिससे जून के मध्य तक इन राज्यों में राहत मिल सकती है।
5. लू के दौरान आहार में क्या शामिल करना चाहिए?
ऐसी स्थिति में हल्का और सुपाच्य भोजन करें। कच्चे आम का पना, सत्तू का शरबत, छाछ, दही और तरबूज जैसे पानी से भरपूर फलों का सेवन करें। कैफीन (चाय-कॉफी) और अधिक चीनी वाले ड्रिंक्स से बचें क्योंकि ये शरीर को डीहाइड्रेट कर सकते हैं।
6. क्या रात के तापमान में भी बढ़ोतरी होगी?
हाँ, IMD के अनुसार कई जिलों में ‘वॉर्म नाइट’ (Warm Night) की स्थिति बनी रहेगी। इसका मतलब है कि न्यूनतम तापमान भी सामान्य से काफी अधिक रहेगा, जिससे रात के समय भी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी।
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