Site iconSite icon SHABD SANCHI

Heart Attack की Statin दवा कितनी सुरक्षित है? ऑक्सफोर्ड रिसर्च ने बताया

Heart Attack Prevention: How safe are statins drugs? Key findings from Oxford research.Heart Attack Prevention: How safe are statins drugs? Key findings from Oxford research.

Heart Attack Prevention: How safe are statin drugs? Key findings from Oxford research.

हार्ट अटैक से बचने के लिए दुनिया भर में Statin नामक दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है हालांकि कई लोग इनके साइड इफेक्ट्स को लेकर चिंता में रहते हैं। अब ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक नई रिसर्च में ये जानने की कोशिश की गई है कि इन सभी दवाओं से मांसपेशियों पर कितना असर पड़ता है। रिसर्च के नतीजे बताते हैं कि ज्यादातर लोगों के लिए या दवा सुरक्षित है और इसके फायदे भी कुछ संभावित रिस्क से कई ज्यादा है।

Statin क्या हैं और दवा में क्यों दी जाती हैं?

एक ऐसी दवा का नाम Statin है जो शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम करने मेंमदद करती है। डॉक्टर इन्हें उन लोगों को देते हैं जिन्हें हार्ट अटैक, स्ट्रोक या फिर दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियां आदि का खतरा होता है। लंबे समय से कहीं बड़ी रिसर्च या साबित कर चुके हैं कि सही मरीजों में इन दवाओं से दिल की बीमारियों का रिस्क कम किया जा सकता है।

ये भी पढ़े: GLP-1 Drugs से बिना डायबिटीज युवाओं में तेजी से घटा वजन..नई स्टडी में खुलासा

ऑक्सफोर्ड रिसर्च में क्या पता चला है?

इसकी रिसर्च मैं ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक नया रिस्क कैलकुलेटर तैयार किया है जो यह अनुमान लगा सकता है कि किसी व्यक्ति में Statin लेने से गंभीर मांसपेशी संबंधित दुष्प्रभाव होने की संभावनाएं कितनी होती है।स्टैटिन लेने वाले 98% से अधिक लोगों में अगले 10 सालों में या गंभीर मांसपेशी छाती का खतरा बहुत कम पाया गया है। इससे हमें साफ पता चलता है कि ज्यादातर मरीजों के लिए ये दवा सुरक्षित है।

इससे मांसपेशियों पर क्या असर हो सकता है?

कुछ लोगों को Statins लेने के दौरान मांसपेशियों में दर्द या फिर हल्की कमजोरी महसूस होने लगती है हालांकि यह सभी शिकायत है हर मरीज में नहीं देखने को मिलती है। वही रैबिटो माइलोसिस जैसी गंभीर मांसपेशी बेहद दुर्लभ स्थिति है अगर किसी व्यक्ति को तेज दर्द लगातार कमजोरी या फिर गहरे रंग का पेशाब होता है तो उन्हें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

क्या ये दवा बंद कर देनी चाहिए?

केवल साइड इफेक्ट्स के दर से इस दवा को आप बंद नहीं करें अगर दवा से कोई परेशानी हो रही है तो डॉक्टर से सलाह जरूर ले। कई बार दवा की मात्रा बदलने या फिर दूसरी स्टैटिन देने से इस समस्या का समाधान हो जाता है। बिना सलाह के दवा बंद करने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है।

ये भी पढ़े: Menopause के बाद क्यों बढ़ रहा Heart Risk? डॉक्टरों ने कहा, heart health..

डॉक्टर द्वारा मरीजों के लिए क्या है सबसे जरूरी सलाह?

नहीं रिसर्च का सबसे बड़ा संदेश यही है कि इसके गंभीर नुकसान होने की संभावना काफी हद तक कम है। जबकि दिल की बीमारियों से बचाव में इनका फायदा काफी अधिक देखने को मिलता है। इसलिए जिन लोगों को डॉक्टर ने यह दवा लेने की सलाह दी है उन्हें नियमित रूप से दवा लेना चाहिए।

Exit mobile version