Head constable hanged himself in Rewa jail: रीवा केंद्रीय कारागार परिसर में गुरुवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब यहां पिछले 28 वर्षों से तैनात प्रधान आरक्षक रामानंद पटेल का शव जेल की गौशाला में फंदे से झूलता पाया गया। इस दर्दनाक घटना ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ड्यूटी के बाद उठाया आत्मघाती कदम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामानंद पटेल गुरुवार दोपहर 12 बजे अपनी ड्यूटी समाप्त कर जेल से बाहर निकले थे। उन्हें अपने घर जेल कॉलोनी जाना था, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उन्होंने जेल परिसर स्थित गौशाला में जाकर फांसी लगा ली। दोपहर करीब 3 बजे जब उनका शव फंदे से लटका देखा गया, तो जेल परिसर में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही बिछिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए संजय गांधी चिकित्सालय भेज दिया।
परिजनों ने लगाया प्रताड़ना का आरोप, मिला सुसाइड नोट
मृतक के परिजनों ने जेल विभाग के उच्च अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रामानंद पिछले एक महीने से विभागीय प्रताड़ना के शिकार थे। परिजनों का दावा है कि अधिकारियों द्वारा लगातार मानसिक रूप से परेशान किए जाने के कारण ही उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया है। वहीं, घटनास्थल से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसे जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। सहकर्मियों का कहना है कि उनकी ड्यूटी पहले बाहर रहती थी, लेकिन पिछले 2-3 महीनों से उन्हें जेल के अंदर तैनात कर दिया गया था, जिससे वे तनाव में थे।
जांच में जुटी पुलिस
बिछिया पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग का मिलान कराया जाएगा और परिजनों के बयानों के आधार पर विभागीय अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। इस घटना के बाद से ही जेल कर्मचारियों और मृतक के परिवार में भारी आक्रोश व्याप्त है।
