भोपाल। बालाघाट में बीमारी से रोकथाम के लिए सरकार ने मंथन शुरू कर दिया है। रविवार को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने निवास कार्यालय भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बालाघाट जिले में स्वास्थ्य सेवाओं एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि बालाघाट के पूरे क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाओं से प्रभावी रूप से कवर करना है। कोई भी पात्र व्यक्ति स्वास्थ्य सुविधा से वंचित न रहे और प्रत्येक स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत एवं जवाबदेह बनाया जाए।
लोगो को स्वास्थ सुविधा दिलाने उठाए जाऐगे कदम
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि बालाघाट जिले के प्रत्येक क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्वास्थ्य अधोसंरचना के सशक्तीकरण के लिए आवश्यकतानुसार संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित पूरे क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाओं के दायरे में लाते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता और पहुंच को और बेहतर बनाया जाए।
शत-प्रतिशत टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि बालाघाट नक्सल प्रभावित क्षेत्र से मुक्त हुआ है। ऐसे क्षेत्रों में स्थानीय निवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं एवं विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य जागरूकता अभियान से जोड़ते हुए शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के पंजीयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीयन हो तथा सभी एएनसी समय पर हों, यह सुनिश्चित किया जाए। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली गर्भवती महिलाओं को समय पर चिन्हित कर उनका नियमित फॉलोअप किया जाए तथा आवश्यकता के अनुसार उन्हें उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में उपचार एवं प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
इस तरह की सुविधा
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यकतानुसार सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। जिले में 67 मेडिकल ऑफिसर की पदस्थापना की गई है, इनका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्वास्थ्य संस्थानों के सुदृढ़ीकरण के लिए 2 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही 2 नए पीएचसी, 1 एसएचसी एवं 2 एमएमयू की स्वीकृति के निर्देश दिए हैं। अन्य आवश्यकताओं की भी प्राथमिकता से पूर्ति की जाएगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि अंतर्विभागीय समन्वय से पेयजल एवं बाल पोषण सेवाओं को सशक्त किया जाए। आंगनवाड़ी केंद्रों को सुदृढ़ करने के साथ बच्चों एवं हितग्राहियों का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। आवश्यकतानुसार आशा एवं एएनएम के पदों की भी स्वीकृति दी जाएगी।
ये रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सुखवीर सिंह, आयुक्त धनराजू एस, एमडी एनएचएम डॉ सलोनी सिडाना, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बालाघाट कलेक्टर कुँअर सत्यम, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।




