International Gold premiums : भारत में गोल्ड प्रीमियम ने दशक के उच्चतम स्तर को छू लिया है जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेश करने वाले लोगों की सक्रियता लोगों को देखने को मिल रही है इस मजबूत प्रीमियम के कारण सोने के बाजार में नए रुझान उभरते देख रहे हैं और मांग के पैटर्न में भी बदलाव दिख रहा है।

भारत में सोने के प्रीमियम की वजह
सोने के बाजार में निवेश करने वाले लोगों की सक्रियता के कारण भारत में गोल्ड प्रीमियम इस सप्ताह लगभग 121 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच चुका है जो मैं 2014 के बाद का उच्चतम लेवल है। विशेषज्ञ के अनुसार यह मुख्य रूप से आने वाले 2026 – 27 के केंद्रीय बजट से पहले आने वाले संभावित आयात शुल्क वृद्धि की उम्मीद का कारण है। निवेश करने वाले लोग प्रीमियम चुकाकर सोडा खरीद रहे हैं ताकि बजट लागू होने के बाद कीमत और ज्यादा ना बढ़ पाए।
ये भी पढ़े : 18K Gold Rate
घरेलू कीमतों पर असर
High प्रीमियम होने के बावजूद भारत में सोने की खुदरा कीमत भी रिकॉर्ड के लेवल पर पहुंच चुकी है। घरेलू सोने की कीमत उच्च प्रीमियम के बावजूद भारत में सोने की खुदरा कीमतें ₹180,779 रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब ट्रेंड पर है जो उपभोक्ताओं के लिए सबसे महंगी प्रतीत हो रही है जिस कारण से ज्वेलरी की खरीदारी भी लोग कम कर रहे हैं और ग्राहक खरीदारी करने से बच रहे हैं।
ज्वेलरी मांग में गिरावट
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के ताजा आंकड़ों के अनुसार भारत पर सोने की मांग में पिछले वित्तीय वर्ष मैं लगभग 11% की गिरावट देखी गई है और 2026 में भी इसकी मांग और अधिक गिरने की संभावना बताई जा रही है। यह गिरावट मुख्य रूप से इतनी ऊंची सोने की कीमत और महंगाई के कारण देखने को मिल रही है।
चीन में सोने की मांग
जहां भारत में सोने की रिटेल मांग पर काफी दबाव देखा जा रहा है वहीं चीन में गोल्ड प्रीमियम भी बढ़ते हुए लगभग 32 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है चीन में निवेश और पुराने ज्वेलरी की मांग दोनों मजबूती से बना हुआ है खास तौर पर लूनर न्यू ईयर के मुद्दे नजर रखते हुए। उच्च कीमत पर भी वहां लोग सोने की खरीदारी कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का परिदृश्य
दुनिया भर में सोने की कीमत रिकॉर्ड के करीब बनी हुई है और इंटरनेशनल स्पॉट गोल्ड की कीमत लगभग 5600 डॉलर प्रति औंस के लेवल पर ग्राफ करता दिख रहा है इस तेजी से वैश्विक, आर्थिक और भू राजनीतिक अनिश्चित के बीच निवेश करने वाले लोगों की सुरक्षित संपत्ति की ओर रुख को दिखाता है। निवेश करने वाले लोग अनिश्चित के दौर में सोने को एक मजबूत सुरक्षित निवेश के ऑप्शन के रूप में देख रहे हैं।
ये भी पढ़े : gold price
विशेषज्ञ की राय
मार्केट विशेषज्ञ के अनुसार Gold premiums मैं यह उछाल दिखता है कि निवेश करने वाले लोग अभी भी सोने को एक सुरक्षित निवेश मान रहे हैं बजट से पहले की खरीदारी वैश्विक मांग में स्थिरता और ज्वेलरी बाजार का बदलते व्यवहार इन सभी कारकों के कारण सोना बाजार को गतिशील बनाकर रखा हुआ है। अगर इससे भी संक्षेप में बताया जाए तो भारत में Gold premiums ने दशक का हाई लेवल छू लिया है जबकि चीन में सोने की मांग स्थिर रूप से बनी हुई है। वैश्विक स्तर पर भी सोने को निवेश करने वाले लोगों का आकर्षन बनाया हुआ है।
