Goa Night Club Fire : साल 2025, मौतों का साल बन गया है। इस साल के गुजरते-गुजरते कई लोगों की जान चली गई। प्रयागराज के महाकुंभ की घटना और केरल ट्रेन हादसा, अल्लूअर्जुन की फिल्म स्क्रीनींग भगदड़ और फिर करूण भगदड़ में हुई मौतों के बाद साल के आखिरी महीने, दिसंबर में भी एक बड़ा हादसा हो गया। गोवा के अर्पोरा गांव में शनिवार रात एक नाइट क्लब में सिलेंडर फटने के बाद आग लग गई। इस घटना में 25 लोगों की मौत हो गई।
गोवा नाईट क्लब का मैनेजर गिरफ्तार
गोवा क्लब अग्निकांड का मामले में पुलिस ने नाइट क्लब के मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, क्लब के मालिक के खिलाफ भी गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया है, और उसकी तलाश की जा रही है। बता दें कि मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बताया कि मृतकों में से ज्यादातर लोग क्लब की रसोई में काम करते थे। इनमें तीन महिलाएं और चार पर्यटक भी शामिल हैं। हादसे में 2 लोगों की जलने से और बाकी 23 की दम घुटने से मौत हुई है।
कब हुआ गोवा नाइट क्लब में हादसा
गोवा के नाइट क्लब में हुआ अग्निकांड हादसा रात करीब 1 बजे हुआ। गोवा नाइट क्लब में अग्निकांड गैस सिलेंडर में धमाका होने की वजह से हुआ। इसके बाद पूरे क्लब में आग फैल गई। शुरुआती जांच में पता चला है कि आग और धमाका गैस लीक होने के कारण हुआ। हादसे के समय अधिकतर लोग बेसमेंट में थे, जहां धमाका हुआ। क्लब के अंदर आग में फंसने वजह से कई लोग बाहर नहीं निकल सके और दम घुटने से उनकी मौत हो गई। अगर वे बेसमेंट से बाहर निकल पाते, तो शायद उनकी जान बच सकती थी।
गोवा नाइट क्लब हादसे में 23 लोगों की हुई मौत
गोवा अग्निकांड हादसे में अब तक कुल 23 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में से 23 लोग दम घुटने से मरे, जबकि 2 लोग जलने से। तीन शव बुरी तरह झुलसे हुए पाए गए। हादसे के समय अधिकांश कर्मचारी बेसमेंट में थे। आग और धुआं फैलने से वहां फंसे लोग जान नहीं बचा सके। इस हादसे के बाद पुलिस, एफएसएल टीम और जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। घायलों की जानकारी अभी नहीं मिली है। गोवा के डीजीपी आलोक कुमार ने बताया कि किचन से शुरू हुई आग के कारण लगभग 25 शव बरामद किए गए हैं। मरने वालों में अधिकतर क्लब में काम करने वाले कर्मचारी हैं। डीजीपी ने बताया कि आग सबसे पहले ग्राउंड फ्लोर की रसोई से लगी, जिसके बाद यह क्लब के अन्य हिस्सों में फैल गई। इस कारण किचन क्षेत्र में सबसे अधिक शव पाए गए हैं। भागने की कोशिश करते समय दो लोगों की मौत सीढ़ियों पर हुई।
सीएम ने कहा- दोषियों को मिलेगी सजा
सीएम प्रमोद सावंत ने कहा है कि नाइट क्लब ने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया था। उन्होंने कहा कि मालिकों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के कारण तटीय राज्य गोवा में बहुत आघात पहुंचा है, क्योंकि यहाँ बहुत पर्यटक आते हैं। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत देर रात घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा, “यह गोवा जैसे पर्यटन राज्य के लिए बहुत दुखद घटना है। शुरुआती जांच में पाया गया है कि क्लब में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था। इस तरह की लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हादसे की विस्तृत जांच की जाएगी और आग लगने के सही कारणों का पता लगाया जाएगा।” स्थानीय अधिकारियों ने बताया है कि इस हादसे में किसी भी पर्यटक की मौत नहीं हुई है। अधिकतर मृतक क्लब के कर्मचारी थे, जो अंदर कार्यरत थे।
आखिर क्यों हुआ इतना बड़ा हादसा?
अब सवाल यह उठता है कि आखिर इस आगजनी की वजह क्या थी? शुरुआती जांच में पता चला है कि इस हादसे का कारण गैस सिलिंडर में अचानक विस्फोट था। यह विस्फोट उस समय हुआ, जब क्लब के रूटीन प्रेपरेशन और क्लोजिंग वर्क चल रहा था। गैस लीक होने के कारण यह धमाका हुआ और उसके बाद आग फैल गई। आग इतनी तेज़ थी कि कुछ ही सेकंड में पूरी बिल्डिंग में फैल गई। उस वक्त ज्यादातर कर्मचारी बेसमेंट में थे। जब धमाका हुआ, तो लोगों में भगदड़ मच गई। लेकिन अफसोस की बात यह है कि बहुत से लोग बेसमेंट में ही फंसे रह गए। जब आग फैली, तो धुआं इतना तेज़ था कि लोग बाहर निकल नहीं सके। इस धुएं के कारण ही अधिकतर लोगों की मौत हुई है।
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