Gaudium IVF और Women Health Limited का IPO तीसरे दिन 3 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ। 24 फरवरी 2026 को बंद हुए इस IPO में खुदरा और non institutional निवेश करने वाले लोगों की मजबूत भागीदारी देखी गई, जबकि QIB कैटेगरी में इसका सीमित रिएक्शन ही रहा। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ने हल्का पॉजिटिव संकेत तो दिया है, जिसका असर कुछ संभावित लिस्टिंग पर ही पड़ सकता है।

IPO Subscription में रिटेल और NII की मजबूत भागीदारी
स्टॉक एक्सचेंज डेटा के अनुसार IPO को कुल मिलाकर लगभग 3 गुना आवेदन फिलहाल प्राप्त हुए है। रिटेल निवेशक कैटेगरी से करीब 4 गुना सब्सक्राइब हुई है, जबकि नॉन इंस्टीट्यूशन निवेशक (NII) ने लगभग 4.5 गुना तक अपनी बोली लगाई है। हालांकि, कैपेबल इंस्टीट्यूशनल निवेशक यानी खरीदार की (QIB) श्रेणी में भागीदारी सीमित ही रही है। रिसचर्स के अनुसार, QIB की अपेक्षाकृत कम हिस्सेदारी से हमें ये संकेत मिलता है कि बड़े फंड हाउस वैल्यूएशन और सेक्टर के competition को लेकर एक सतर्क रुख अपना रहे हैं। यह IPO ₹75 से ₹79 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में जारी किया गया था।इसका कुल इश्यू साइज लगभग ₹165 करोड़ है, जिसमें ₹90 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹75 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) भी शामिल है।
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IPO GMP और इसकी संभावित लिस्टिंग के संकेत
बाजार के सूत्रों के अनुसार, IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) लगभग ₹5 के आसपास ही चल रहा है, जो ऊपरी प्राइस बैंड ₹79 के मुकाबले लगभग 6%की प्रीमियम को दर्शाता है। विश्लेषक के अनुसार, GMP एक तरह का अनौपचारिक संकेतक है और इसे अंतिम लिस्टिंग प्रदर्शन की गारंटी बिल्कुल नहीं माना जाना चाहिए। फिर भी, मौजूदा संकेत हमें बताते हैं कि यदि बाजार की धारणा इसी तरह स्थिर रहती है तो लिस्टिंग पर हल्की बढ़त होना संभव है। कंपनी के शेयरों की प्रस्तावित लिस्टिंग अब National Stock Exchange of India (NSE) और Bombay Stock Exchange (BSE) पर 27 फरवरी 2026 को हो सकती है।
फंड उपयोग और बिजनेस के विस्तार की योजना
कंपनी ने अपने ऑफिशियल बयान में कहा है कि IPO से जमा किए गया पैसे का उपयोग नए IVF केंद्रों की स्थापना, कर्ज चुकाने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा। भारत में फर्टिलिटी और महिलाओं के स्वास्थ्य सेवाओं का बाजार तेजी से बढ़ता रहा है। उद्योग रिपोर्ट्स की जानकारी के अनुसार, शहरीकरण, जागरूकता और बढ़ती आय के कारण इस सेक्टर में वृद्धि की संभावना ज्यादा है। हालांकि, प्रतिस्पर्धा होने और उच्च परिचालन लागत जैसे कारक इसके भविष्य की लाभप्रदता को प्रभावित कर सकते हैं।
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निवेशकों के लिए संकेत और आउटलुक क्या हैं?
बाजार के निवेश एक्सपर्ट्स का ऐसा मानना है कि Gaudium IVF आईपीओ को मिलाकर मिला-जुला इंस्टीट्यूशन सपोर्ट मिल सकता है। जिससे हमें यह पता चलता है कि निवेश करने वाले लोगों को कंपनी के फाइनेंशियल प्रदर्शन मार्जिन और विस्तार होने के प्लानिंग पर नजर रखनी चाहिए। लिस्टिंग होने के बाद शेर का प्रदर्शन बड़े बाजार रुझान और सेक्टर की भावनाओं पर ही निर्भर करेगा लेकिन यह ध्यान रखने योग्य है कि किसी भी आईपीओ में निवेश करना बाजार के जोखिम के अंदर ही होता है। हालांकि यह रिपोर्ट केवल एक सूचना के उद्देश्य से है इसे Gaudium IVF IPO निवेश की सलाह के रूप में बिल्कुल न ले।
