MP: कतर में पूर्व नौसेना कमांडर दोबारा गिरफ्तार, परिवार ने पीएम मोदी से लगाई गुहार

Former Indian Navy commander in uniform, used as a file photo for Qatar arrest case

Former Navy Commander Purnendu Tiwari: कतर में भारतीय नौसेना के पूर्व कमांडर पूर्णेंदु तिवारी को एक अलग वित्तीय जांच मामले में दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वे 2022 में गिरफ्तार हुए आठ पूर्व नौसेना अधिकारियों में शामिल थे, जिनमें से सात को क्षमा मिलने के बाद 2025 में भारत लौटने की अनुमति मिल गई थी। हालांकि, अलग कानूनी मामले के कारण तिवारी भारत नहीं लौट सके। अब उनके परिवार, विशेष रूप से बहन डॉ. मीतू भार्गव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से तत्काल हस्तक्षेप कर उनकी सुरक्षित रिहाई की गुहार लगाई है।

Former Navy Commander Purnendu Tiwari: कतर में भारतीय नौसेना के रिटायर्ड कमांडर पूर्णेंदु तिवारी को एक अलग वित्तीय मामले में दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इससे उनके परिवार में चिंता की लहर दौड़ गई है। तिवारी की बहन डॉ. मीतू भार्गव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।

परिवार की भावुक अपील

ग्वालियर में रहने वाली डॉ. मीतू भार्गव ने एक वीडियो संदेश जारी कर सरकार से अपने भाई की सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि मुख्य मामले में माफी मिलने के बावजूद अलग जांच के कारण तिवारी भारत नहीं लौट सके। पिछले कुछ दिनों में वह परिवार से केवल दो बार ही बात कर पाए हैं। डॉ. भार्गव ने नौसेना के शीर्ष अधिकारियों पर भी कोई ठोस कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।

मामला क्या है?

पूर्णेंदु तिवारी उन आठ पूर्व नौसेना अधिकारियों में शामिल थे, जिन्हें अगस्त 2022 में कतर में गिरफ्तार किया गया था। उन पर जासूसी के आरोप लगे थे और मौत की सजा सुनाई गई थी। कूटनीतिक प्रयासों के बाद कतर के अमीर ने दिसंबर 2023 में सजा को जेल में बदल दिया और बाद में सात अधिकारियों को माफी देकर फरवरी 2025 में भारत लौटने की अनुमति दी।

हालांकि, तिवारी एक अलग वित्तीय जांच के कारण कतर में ही रह गए। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, यह मामला स्थानीय अदालत में लंबित है और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वे भारत लौट सकेंगे।

मोदी की कूटनीतिक भूमिका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी के साथ अपनी मुलाकातों में यह मामला उठाया था। दोनों देशों के मजबूत संबंधों का जिक्र करते हुए मोदी ने कतर में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा की प्रतिबद्धता की सराहना की थी। परिवार को उम्मीद है कि इन प्रयासों से जल्द समाधान निकलेगा। फिलहाल तिवारी जेल में हैं और परिवार उनकी सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहा है। विदेश मंत्रालय इस मामले पर कतर अधिकारियों से संपर्क में है।

अधिक जानने के लिए आज ही शब्द साँची के सोशल मीडिया पेज को फॉलो करें और अपडेटेड रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *