Rewa News : परसिया धान खरीदी केंद्र पर किसानों ने ट्रकों को रोका, भुगतान न मिलने से आक्रोश

Farmers stopped trucks at Rewa's Parsiya paddy procurement center.

Farmers stopped trucks at Rewa’s Parsiya paddy procurement center: रीवा जिले के त्योंथर तहसील क्षेत्र में स्थित धान खरीदी केंद्र परसिया क्रमांक-01 से परिवहन के लिए निकले पांच धान लोड ट्रकों को शुक्रवार को किसानों और किसान संगठनों ने रोक दिया। कांग्रेस नेता कमांडो अरुण गौतम के नेतृत्व में किसानों ने खरीदी केंद्र परिसर में ट्रैक्टर खड़े कर ट्रकों का रास्ता जाम कर दिया, जिससे धान का परिवहन पूरी तरह ठप हो गया।किसानों का आरोप है कि समिति द्वारा करीब 40 किसानों का लगभग 4000 क्विंटल धान तौल लिया गया था, लेकिन एक महीने बीत जाने के बाद भी उसकी फीडिंग (पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज) नहीं हो पाई है। तौला गया धान बारदानों में सील-पैक होकर खरीदी केंद्र परिसर में ही रखा हुआ है। फीडिंग न होने के कारण किसानों को अब तक भुगतान नहीं मिल सका, जिससे वे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

किसानों ने बताया कि वे पिछले एक महीने से लगातार खरीदी केंद्र और संबंधित अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिलता रहा। जब धान लोड ट्रकों का परिवहन शुरू हुआ, तो किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने ट्रकों को रोककर विरोध प्रदर्शन किया।मामले की सूचना मिलते ही फूड कंट्रोलर कमलेश टांडेकर, जनरल मैनेजर ज्ञानेंद्र पांडे, डीआरसीएस लेखराम द्विवेदी, एडिशनल एसपी संदीप मिश्रा, एसडीएम पीएस त्रिपाठी, तहसीलदार और थाना प्रभारी सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों ने किसानों से लंबी बातचीत की, लेकिन मौके पर कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका।

अधिकारियों ने किसानों को बताया कि भोपाल स्तर पर पोर्टल से जुड़ी तकनीकी समस्या चल रही है और पोर्टल सुचारू रूप से कार्य करना शुरू होते ही धान की फीडिंग की जाएगी। करीब तीन से चार घंटे तक चली चर्चा के बाद प्रशासन ने आश्वासन दिया कि खरीदी केंद्र में रखा धान प्रशासन की निगरानी में सुरक्षित रहेगा और पोर्टल खुलते ही फीडिंग कराकर किसानों का भुगतान कराया जाएगा।

एसडीएम त्योंथर पीएस त्रिपाठी ने कहा कि किसानों की समस्या को गंभीरता से लिया गया है और धान की सुरक्षा प्रशासन की जिम्मेदारी होगी। वहीं, कांग्रेस नेता कमांडो अरुण गौतम ने स्पष्ट किया कि जब तक फीडिंग और भुगतान की स्पष्ट व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।

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