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करीब 88 लाख भारतीय बुजुर्गों को है dimentia,अंडे खाने से दूर हो जाएगी बीमारी?

Eating eggs 5 times a week may reduce the risk of dimentia, study claimsEating eggs 5 times a week may reduce the risk of dimentia, study claims

Eating eggs 5 times a week may reduce the risk of dimentia, study claims

भारत में तेजी से बढ़ रहा है dimentia और अल्जाइमर के मामले के बीच एक नई अमेरिकी स्टडी ने एक नई उम्मीद जगाई है रिसर्च में ऐसा दावा किया जा रहा है कि नियमित रूप से अंडे खाने वाले बुजुर्गों में अल्जाइमर डिजीज का खतरा कम हो सकता है। डॉक्टर के मुताबिक अगर सही डाइट और स्वस्थ जीवन शैली का पालन किया जाए तो दिमाग को लंबे समय तक एक्टिव रखने में मदद भी मिलेगी।

अमेरिका की रिसर्च में क्या देखा गया?

अमेरिका की रिसर्च लोमा यूनिवर्सिटी से जुड़े वैज्ञानिकों से संबंधित है जिसमें dimentia बीमारी के लिए अध्ययन किया गया और रिसर्च के दौरान 65 साल या उससे अधिक उम्र के हजारों लोगों की खान-पान की आदतों और उनकी मानसिक स्थिति पर लंबे समय तक नजर रखी गई। रिसर्च के दौरान पाया गया कि जो लोग हफ्ते में लगभग पांच बार अंडे को खाते है उनमें अल्जाइमर डिजीज का खतरा कम होता है। डॉक्टर की रिसर्च के अनुसार या असर एंड में मौजूद पोषक तत्वों के कारण हो सकता है जो दिमाग के कार्य क्षमता को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।

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अंडे में मौजूद पोषक तत्व क्यों होता हैं खास

डॉक्टर का कहना है कि यह अंडों में Choline, Vitamin B12, Omega-3 fatty acids और प्रोटीन जैसे कुछ जरूरी पोषक तत्व होते हैं।Choline को इसमें खास तौर पर ब्रेन हेल्थ के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। यह तत्व दिमाग की कोशिकाओं के बीच संदेश पहुंचाने वाले केमिकल्स को सपोर्ट करता है यही कारण है कि नियमित मात्रा में अंडा खाने से याददाश्त और मानसिक एक्टिंवनेस पर भी पॉजिटिव असर होता है।

भारत में तेजी से बढ़ रहे डिमेंशिया

डॉक्टर की जानकारी के अनुसार भारत में करीब 88 लाख बुजुर्ग व्यक्ति डिमेंशिया की बीमारी से पीड़ितहै। बढ़ती उम्र, खराब लाइफस्टाइल, तनाव और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके सबसे बड़े कारण माने जाते हैं। डॉक्टर का कहना है कि अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसे बीमारी का कोई एक निश्चित इलाज नहीं होता है इसलिए शुरुआती लेवल पर बचाव और स्वस्थ आदतें अपनाना बहुत जरूरी होता है।

केवल अंडा ही नहीं, लाइफस्टाइल भी होता हैं जरूरी

डॉक्टर का कहना है कि सिर्फ अंडा खाना ही पर्याप्त नहीं होता है दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद जरूरी होता है। इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल जैसी दिक्कतों को कंट्रोल में रखना भी अल्जाइमर के खतरे को कम कर सकता है जी जिन लोगों को पहले से कोलेस्ट्रॉल की दिक्कत है उन्हें नियमित रूप से अंडा खाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

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रिसर्च को लेकर क्या कहते हैं डॉक्टर

इस dimentia स्टडी में केवल एक संबंध दिखता है कि इससे यह पूरी तरह साबित नहीं होता है कि अंडा खाने से अल्जाइमर को रोका जा सकता है हालांकि संतुलित मात्रा में अंडे का सेवन करना ब्रेन के हेल्थ के लिए फायदेमंद है।

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