Donald Trump Visit India : भारत और अमेरिका के बीच क्या फिर कोई बड़ी डील होने वाली है? अचानक ट्रंप भारत के दौरे पर आ रहे हैं और उनके स्वागत की चर्चा हो रही है। यह अमेरिका के साथ भारत की अब तक की सबसे बड़ी महाडील हो सकती है। ये महाडील दुनियाभर की अर्थव्यवस्था का नक्शा बदलने जा रहे हैं। ये दावा वाशिंगटन से आई है, जहाँ अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने एलान किया है कि ट्रंप भारत दौरे पर आएंगे। यह भारत के लिए सिर्फ एक ट्रेंड नहीं है, बल्कि एक बड़ा कूटनीतिक तूफान है।
डोनाल्ड ट्रंप भारत दौरे पर आ रहें हैं?
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने साफ कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप अगले साल की शुरुआत में भारत आ रहे हैं। रूबियो ने यह भी बताया कि तैयारियां जोरों पर हैं कि अगले साल की शुरुआत में ट्रंप भारत आएं। यह कोई साधारण यात्रा नहीं है। यह यात्रा उस खास केमिस्ट्री का प्रतीक है जिसे दुनिया ने हाउडी मोदी और नमस्ते ट्रंप में देखा था। आज भारत का दबदबा इतना बढ़ गया है कि ट्रंप अपनी हर प्राथमिकता में भारत को सबसे ऊपर रखते हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि ट्रंप और मोदी के बीच जो रिश्ता है, उससे बेहतर कोई रिश्ता नहीं हो सकता।
2020 जैसी होगी यह यात्रा – रूबियो
अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने बताया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजर में भारत सिर्फ एक बाजार नहीं है, बल्कि एक बहुत जरूरी साथी है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और ट्रंप की दोस्ती बहुत मजबूत है और यह दुनिया के नेताओं के बीच बहुत खास है। यह दौरा 2020 की फरवरी में हुई उस यात्रा जैसी होगी, जिसने भारत को ग्लोबल मंच पर नई पहचान दी थी।
किस महाडील का रूबियो ने किया जिक्र?
अब बात करते हैं उस बड़ी डील की, जिसका जिक्र रूबियो ने किया। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका करीब हैं एक बड़े व्यापार समझौते के अंतिम कदम पर। अगर यह डील हो जाती है, तो भारत के उत्पादों के लिए अमेरिका का बाजार और भी खुल जाएगा। ट्रंप हमेशा अमेरिका पहले की बात करते हैं, लेकिन उन्हें पता है कि अमेरिका के तरक्की के लिए भारत के साथ अच्छा व्यापार जरूरी है। जब मोदी और ट्रंप मिल रहे थे, उस वक्त इस डील की शुरुआत हो चुकी थी। अब ट्रंप का भारत आना इस बात का संकेत है कि भारत अब पूरी दुनिया की सप्लाई चेन का नया केंद्र बनने जा रहा है।
भारत के ऊर्जा क्षेत्र से हो सकती है महाडील
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने एक ऐसी बात भी कही, जिससे हर भारतीय को गर्व हो सकता है। उन्होंने बताया कि भारत उन चुनिंदा देशों में है, जिनके पास भारी कच्चे तेल को रिफाइन करने की दुनिया की बेहतरीन क्षमता है। यह सिर्फ तेल की बात नहीं है, बल्कि ऊर्जा की राजनीति की बात है। अमेरिका चाहता है कि रूस और ओपेक देशों का तेल पर एकाधिकार खत्म हो और भारत की रिफाइनिंग क्षमता इसका बड़ा हथियार है। भारत और अमेरिका मिलकर ऊर्जा की सप्लाई बढ़ाने का काम कर रहे हैं। यानी आने वाले समय में भारत ऊर्जा का बड़ा केंद्र बनने वाला है, और ट्रंप इस साझेदारी को और मजबूत बनाना चाहते हैं।
भारत अमेरिका का करीबी साथी – रूबियो
रूबियो ने कहा कि भारत बहुत करीबी साथी है अमेरिका का। चाहे बात चीन को रोकने की हो या इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति बनाए रखने की, भारत के बिना अमेरिका के कई प्लान सफल नहीं हो सकते। मोदी और ट्रंप की दोस्ती ही इन सभी समस्याओं का हल है। ट्रंप जानते हैं कि मोदी एक ऐसे नेता हैं, जो अपनी शर्तों पर ही दोस्ती निभाते हैं। इसलिए रूबियो इस साल के अंत से पहले भारत आएंगे और ट्रंप की यात्रा की तैयारी करेंगे।
रुबियों ने कहा कि यह समय भारत की ताकत को मानने का है। यह समझना जरूरी है कि आज भारत वो देश नहीं है जो सिर्फ समझौते के लिए गुहार लगाता था। आज भारत ऐसा देश है जिसे दुनिया की बड़ी ताकतें अपने साथ लाने की कोशिश करती हैं। रूबियो के बयान से साफ हो गया है कि ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में भारत की भूमिका बहुत अहम होगी। ऊर्जा, व्यापार, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे कई क्षेत्र में मोदी और ट्रंप मिलकर इतिहास रचने वाले हैं।

