भोपाल। मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार जल्द ही अपने मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों में बदलाव कर सकती है। जो खबरें आ रही है उसके तहत केंद्रीय संगठन को तीन तरह के प्रस्ताव भेजे गए थें। जिसमें से मंत्रियों के प्रभार वाले जिले में बदलाव किए जाने को लेकर केंद्रीय नेतृत्व से हरी झंडी मिल गई है। माना जा रहा है कि दीवाली के बाद आगामी माह में मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों में बदलाव हो सकता है।
इस तरह के तीन प्रस्ताव
खबरों के तहत प्रदेश सरकार व संगठन ने सुझाव के लिए केंद्रीय संगठन को जो तीन प्रस्ताव भेज थे, उनमें मंत्रिमंडल विस्तार, विभागों में बदलाव और प्रभार के जिले बदलना शामिल था। जिसमें से प्रभार वाले जिले में बदलाव पर केन्द्रीय संगठन ने सहमति जताई है।
नए साल में मंत्रिमंडल विस्तार
मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार अगले साल यानि की जनवरी 2027 में अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकती है। इसको लेकर तेजी से चर्चा की जा रही है। अगर मंत्रिमंडल में विस्तार होता है तो ऐसे में मंत्रियों के विभागों में बदलाव भी हो सकते है। ऐसे में प्रदेश सरकार और यहां का संगठन मंत्रियों के कामकाज का आकलन लगातार कर रहा है।
गृहजिलों से दूरी बन रही वजह
जो जानकारी आ रही है उसके तहत मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों में बदलाव का एक कारण उनके गृह जिलों से प्रभार वाले जिलों की दूरी प्रमुख कारण बन रही है। मंत्रियों के गृह जिले से उनके प्रभार वाले जिलों की दूरी बहुत अधिक है, 600 से 700 किमी की दूरी होने के कारण उनके प्रभार वाले जिलों में बदलाव करके उन्हें अब नजदीक के जिले दिए जा सकते है।
इन मंत्रियों के
-संपतिया उइके (आलीराजपुर व सिंगरौली)
-कैलाश विजयवर्गीय (धार व सतना)
-नागर सिंह चौहान (उमरिया व आगर मालवा)
-प्रद्युम्न सिंह तोमर (पांढुर्णा व शिवपुरी)
-प्रहलाद पटेल (भिंड व रीवा)
-करण सिंह वर्मा (मुरैना व सिवनी)
-जगदीश देवड़ा (देवास व जबलपुर)
-राजेंद्र शुक्ला (सागर व शहडोल)




