Dense fog and severe cold wreak havoc in Rewa: रीवा जिले में कड़ाके की ठंड के साथ घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बुधवार सुबह शहर और आसपास के इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। हाईवे और शहरी सड़कों पर वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा। पिछले तीन दिनों से न्यूनतम तापमान लगातार सिंगल डिजिट में बना हुआ है और मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले तीन दिनों तक ठंड से राहत की कोई उम्मीद नहीं है। बढ़ती ठंड और शीतलहर के कारण बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, रीवा कलेक्टर ने 10 जनवरी और मऊगंज कलेक्टर ने 9 जनवरी तक नर्सरी से कक्षा आठवीं तक सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है।
लगातार गिरता पारा, ठंडी हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन
रीवा में सर्दी का प्रकोप दिन-प्रतिदिन गहराता जा रहा है। उत्तर दिशा से आ रही ठंडी हवाओं के कारण शुष्क मौसम के बावजूद ठिठुरन ज्यादा महसूस हो रही है। नमी और कम तापमान की वजह से सुबह और देर रात घना कोहरा छाया रहता है। बुधवार को भी धूप देर से निकली और दिनभर हल्की ठंड बनी रही। पिछले तीन दिनों के तापमान की बात करें तो:रविवार को न्यूनतम तापमान करीब 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सोमवार को पारा और गिरकर लगभग 7 डिग्री तक पहुंच गया। मंगलवार को तापमान 7 से 8 डिग्री के बीच बना रहा।
अगले तीन दिन भी राहत नहीं, तापमान रहेगा कम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, फिलहाल ठंड के तेवर ढीले पड़ने के आसार नहीं हैं। गुरुवार को न्यूनतम तापमान करीब 8 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। शुक्रवार को हल्की बढ़ोतरी के साथ पारा 9 डिग्री तक पहुंच सकता है। शनिवार को न्यूनतम तापमान 9 से 10 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। हालांकि तापमान में मामूली बढ़ोतरी के बावजूद सुबह और रात के समय ठंड तथा कोहरे का असर बना रहेगा।
स्कूल-दफ्तर जाने वालों को परेशानी, डॉक्टरों की सलाह
सुबह के समय खेतों, खुले इलाकों और सड़कों पर छाए कोहरे से आम जनता को खासी दिक्कत हो रही है। स्कूल जाने वाले बच्चे, दफ्तर जाने वाले कर्मचारी और सुबह सफर करने वाले यात्रियों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों ने लोगों को सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनने और ठंड से बचाव के उपाय करने की सलाह दी है।
किसानों की चिंता बढ़ी, पाले का खतरा
लगातार गिरते पारे ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि रात का तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है तो फसलों पर पाला पड़ने का खतरा बढ़ जाएगा। इससे दलहन और तिलहन फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है।
