दिल्ली के निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), वंचित समूह (DG) और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) के लिए दाखिला प्रक्रिया ने एक अहम पड़ाव पार कर लिया है। शिक्षा निदेशालय (DoE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए Delhi EWS DG Admission Result 2026 जारी करते हुए कंप्यूटर ड्रा संपन्न किया। इस पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से दिल्ली के कुल 2,308 स्कूलों में 55,701 सीटों का आवंटन किया गया है।
शिक्षा निदेशालय ने सोमवार को पुराने सचिवालय में अभिभावकों और विभिन्न हितधारकों की उपस्थिति में इस ड्रॉ का आयोजन किया। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने स्वयं इस प्रक्रिया की शुरुआत की। उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से इस बार चयन प्रक्रिया को पहले से अधिक सटीक और त्रुटिहीन बनाया गया है। आधार-आधारित सत्यापन और एनआईसी द्वारा विकसित विशेष सॉफ्टवेयर ने फर्जी आवेदनों और दोहराव की संभावना को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
इस साल दाखिला प्रक्रिया में सीटों और स्कूलों की भागीदारी, दोनों में ही अच्छी बढ़ोतरी देखी गई है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल जहां 2,219 स्कूलों ने हिस्सा लिया था, वहीं इस सत्र में यह संख्या बढ़कर 2,308 हो गई है। इसका सीधा लाभ उन बच्चों को मिलेगा जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की तलाश में हैं।
सीटों के आंकड़ों में बड़ा उछाल
शिक्षा विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, इस साल कुल सीटों की संख्या में 5,185 की वृद्धि हुई है। Delhi EWS DG Admission Result 2026 के तहत EWS और DG श्रेणियों के लिए आवंटित सीटों की संख्या 44,045 से बढ़कर 48,092 हो गई है। वहीं, CWSN श्रेणी (विशेष आवश्यकता वाले बच्चे) के लिए सीटों का ग्राफ 6,471 से बढ़कर 7,609 तक पहुंच गया है। सीटों की इस बढ़ोतरी को शिक्षा के अधिकार (RTE) को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
पारदर्शिता के लिए तकनीकी सुरक्षा
मंत्री आशीष सूद ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार समावेशी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक बार कंप्यूटर ड्रॉ का परिणाम फाइनल और फ्रीज हो जाने के बाद, इसमें किसी भी स्तर पर कोई बदलाव संभव नहीं है। यह प्रणाली की शुचिता और अभिभावकों के भरोसे को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
इस बार आवेदन प्रक्रिया में भी भारी उत्साह देखा गया। कुल 1,39,524 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1,38,536 आवेदन EWS/DG श्रेणी के लिए पूर्ण पाए गए। CWSN श्रेणी में भी आवेदनों की संख्या पिछले साल के 904 से बढ़कर 988 हो गई है, जो विशेष बच्चों के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है।
आगे की प्रक्रिया और स्कूल रिपोर्टिंग
जिन बच्चों का नाम ड्रॉ में आया है, उन्हें तुरंत स्कूल आवंटित कर दिए गए हैं। डिजिटल तकनीक का लाभ उठाते हुए, इस बार मोबाइल के जरिए दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन सुनिश्चित किया गया है। इससे अभिभावकों को बार-बार स्कूल के चक्कर काटने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी।
अधिकारियों के अनुसार, दाखिले का अगला चरण अगले तीन दिनों के भीतर शुरू हो जाएगा। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे आवंटित स्कूलों से संपर्क करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर औपचारिकताएं पूरी करें। यदि किसी दस्तावेज में विसंगति पाई जाती है, तो स्कूल प्रबंधन इसकी सूचना शिक्षा विभाग को देने के लिए बाध्य है।
दाखिले के लिए जरूरी दस्तावेज और सावधानियां
अभिभावकों को आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र (जहाँ लागू हो), और निवास प्रमाण पत्र के मूल दस्तावेजों के साथ तैयार रहना चाहिए। शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि किसी भी बिचौलिए के झांसे में न आएं, क्योंकि पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से कम्प्यूटरीकृत और स्वचालित है।
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