Crude Oil Price: एक बार फिर बढ़ा कच्चे तेल का भाव, रूस से तेल खरीदी पर जोर!

Cargo ships waiting at a refinery highlighting supply risks despite the sudden global oil prices drop.

Crude Oil Price Hike: मिडिल ईस्ट में बढ़ते टेंशन का असर तेल की कीमतों पर देखने को मिल रहा है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने के बाद तेल की कीमतें आसमान पर जा रही हैं. गौरतलब है कि, आज यानी 12 मार्च, दिन गुरुवार को एशियाई बाजार में तेल की कीमतों में वृद्धि का कारण इराकी जल क्षेत्र में तेल के टैंकरों पर हमला बताया जा रहा है. पहले ही अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच चल रही इस जंग के कारण तेल की सप्लाई ठप हो चुकी है, जिससे बाजार सतर्क रुख अपनाए हुए हैं. इसी बीच यह खबर सामने आई है कि इराक और कुवैत के पास दो अंतरराष्ट्रीय तेल टैंकरों पर हमला हुआ है.

Crude Oil Price Today

आपको बता दें कि आज ब्रेंट क्रूड की कीमत में 7.2 फीसदी की तेजी आई, जिसके बाद यह 98.60 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. और अगर बात वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट की करें तो यह 6.5 फीसदी की तेजी के बाद 92.96 डॉलर पर पहुंच गया. इस सप्ताह की शुरुआत में तेल के दाम $120/बैरल तक पहुंच गए थे, जिसके बाद बड़ी गिरावट देखी गई.

भारत ने रूस से बढ़ाई खरीदारी

आपको एक अहम बात बताएं कि, तेल की बढ़ती कीमतों और किल्लत के बीच भारत ने रूस से तेल की खरीदारी 50% बढ़ा दी है. मार्च में भारत द्वारा रूस से तेल खरीदी लगभग 15 लाख बैरल प्रतिदिन हो गई. ताकि देश में सप्लाई संकट न आए.

तेल ही नहीं गैस के लिए भी त्राहिमाम

आपको लग रहा होगा की समस्या सिर्फ तेल की है तो ऐसा नहीं है क्योंकि तेल से ज्यादा बड़ी समस्या इस समय गैस हो गई है. जी हां केवल तेल ही नहीं गैस के लिए भी भारत अन्य देशों से आपूर्ति विकल्प तलाश रहा है. गौरतलब है कि, भारत अपनी जरूरत का लगभग 88% तेल विदेश से आयात करता है.

प्रतिदिन कितनी खपत होती है

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक है. देश में रोजाना लगभग 58 लाख बैरल तेल की खपत होती है. आपको बताएं कि, कुल खपत का लगभग 25 से 27 लाख बैरल तेल होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते से सऊदी अरब, इराक और जैसे मध्य पूर्वी देशों से आता है.

ईरान ने दी चेतावनी

इसी बीच ईरान की चेतावनी सबको चेता रही है जी हां अमेरिका और इजरायल के द्वारा लगातार किए जा रहे हमलों के बीच ईरान ने यह चेतावनी जारी की है कि यदि यह हमले जारी रहते हैं तो वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से एक लिटर भी तेल नहीं गुजरते देंगे. तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कई दिन पहले यह कहा गया था कि यह युद्ध लगभग समाप्त होने वाला है. ऐसा वे पहले भी कह चुके हैं, जिसके बाद तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई. हालांकि बाजार में जब स्थिति सामान्य नहीं हुई है तो फिर से कीमतों में तेजी आ गई है.

अमेरिका, IEA करेंगे तेल रिजर्व से रिलीज

अमेरिका ने Strategic Petroleum Reserve से 172 मिलियन बैरल तेल जारी करने का ऐलान किया है. साथ ही इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी भी अपने भंडार से रिकॉर्ड 400 मिलियन बैरल तेल जारी करने वाली है. जो अब तक कि उनकी सबसे बड़ी निकासी होगी. साल 2022 में उन्होंने 200 मिलियन बैरल तेल की निकासी की थी जब रूस और यूक्रेन वॉर बढ़ गया था. जापान और जर्मनी ने भी अपने तेल भंडार से तेल जारी करने की बात कही है हालांकि वह कितना जारी करेंगे और कब करेंगे इसे लेकर स्थिति साफ नहीं है.

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