भोपाल। म.प्र. शासन ने मध्य-पूर्व देशों की वर्तमान अप्रत्याशित परिस्थितियों को देखते हुए खाड़ी देशों में रह रहे प्रदेश के निवासियों की सहायता के लिए मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली में कंट्रोल रूम की स्थापना की है। जंहा 24 घंटे लोग संपर्क कर सकते है। खाड़ी देशों में अध्ययन, नौकरी, व्यवसाय, पर्यटन, इत्यादि के लिए गये प्रदेश के निवासी वर्तमान परिस्थितियों में सहायता प्राप्त करने के लिये कंट्रोल रूम में दूरभाष नम्बर – 011-26772005, व्हाट्सऐप नम्बर – 9818963273, ई-मेल आईडी पर संपर्क कर सकते हैं। कंट्रोल रूम की सहायता से मध्यप्रदेश शासन द्वारा संबंधितों को भारत सरकार एवं संबंधित अन्य एजेंसियों से संपर्क करते हुए सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।
भोपाल वल्लभ भवन में भी स्थापित किया गया कंट्रोल रूम
म.प्र. के निवासियों की सुविधा के लिये भोपाल के वल्लभ भवन (मंत्रालय) में भी कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। प्रदेश के नागरिक आवश्यक सहायता के लिये नई दिल्ली के अतिरिक्त भोपाल कंट्रोल रूम के दूरभाष क्रमांक 0755-2708055, 0755-2708059, व्हाट्सऐप नंबर $917648862100 पर संपर्क कर सकते है।
प्रियांशी की हुई स्वदेश वापसी
अल्बानिया के तिराना शहर में आयोजित वर्ल्ड रेसलिंग चौंपियनशिप रैंकिंग सीरीज़ में हिस्सा लेने गई मध्यप्रदेश की बेटी सुश्री प्रियांशी प्रजापत की सुरक्षित स्वदेशी वापसी हो गई है। इसके लिए मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव ने उच्च स्तरीय प्रयास किए जिसके फलस्वरूप खिलाड़ी बेटी वापस भारत पहुंच गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुश्री प्रियांशी को स्वदेश वापसी एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन, रजत पदक जीतने के लिए बधाई दिए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रियांशी के उज्जैन निवासी परिजन से भी आज वीडियो कॉल से आज चर्चा की। प्रियांशी के पिता श्री प्रजापत ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने द्वारा दिए गए सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
24 फरवरी से थी वर्ल्ड रेसलिंग प्रतियोगिता
जानकारी के तहत गत 24 फरवरी से 28 फरवरी तक अल्बानिया में वर्ल्ड रेसलिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। जिसमें प्रियांशी ने 26 फरवरी को यह मुकाबला जीता था। प्रियांशी ने कज़ाकिस्तान, अमेरिका और अल्बानिया की पहलवानों को हराकर शानदार प्रदर्शन किया। पिछले वर्ष एशियन सीरीज़ में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया था। उल्लेखनीय है कि हाल ही में मध्य-पूर्व एशिया में बढ़ते युद्ध तनाव के कारण प्रियांशी और उनके साथ गए सभी खिलाड़ी वहाँ फँस गए थे। इस कठिन समय में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लगातार खिलाड़ी बिटिया की सुरक्षित वापसी के लिए आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध करवाए।
