Commonwealth Games 2026। ग्लास्गो में आयोजित Commonwealth Games 2026 के शुरूआत में ही भारत ने मेडल में अपना खाता खो लिया है। भारत के पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने पुरुषों की हेवीवेट स्पर्धा में 190 किलोग्राम भार उठाकर कांस्य पदक जीता। यह इस प्रतियोगिता में भारत का पहला पदक है। उन्होने नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस के अपने आखिरी प्रयास में 212 किलो का वजन उठाने में नाकाम रहने के बाद झंडू कुमार का मेडल पक्का हो गया और भारत के नाम यह पहला मेडल हो गया है।
नालंदा के रहने वाले झंडू कुमार
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को मेडल दिलाने वाले झंडू कुमार बिहार के नालंदा के रहने वाले है। झंडू कुमार ने बचपन में पोलियो और भारी आर्थिक तंगी का सामना करने के बाद यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उनके पिता सब्जी विक्रेता थे। उन्होंने परिवार का साथ देने और आजीविका के लिए सब्जी बेचने व ई-रिक्शा चलाने जैसे काम किए।
शारीरिक चुनौती
बचपन में पोलियो के कारण पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने साल 2017 में शॉटपुट और डिस्कस थ्रो से पैरा एथलेटिक्स की शुरुआत की थी। जिम में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के दौरान उनका झुकाव पावरलिफ्टिंग की तरफ हुआ। पैरालंपिक पदक विजेता राजेंद्र सिंह रहेलू के मार्गदर्शन में उन्होंने गांधीनगर स्थित साई सेंटर में प्रशिक्षण लिया। इससे पहले उन्होंने बीजिंग वर्ल्ड कप 2025 और एशिया-ओशिनिया चौंपियनशिप 2026 में भी कांस्य पदक जीते थे।




