नागरिक समूह ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन को पत्र लिखकर नाजिया इलाही के खिलाफ की कार्रवाई की मांग

Nazia Ilahi Khan News: नागरिक समाज संगठन ‘सिटिजन्स फॉर फ्रेटरनिटी-भारत’ ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन को पत्र लिखकर नेता नाजिया इलाही खान के कथित विवादित बयानों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन का आरोप है कि नाजिया के भाषण मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाने वाले हैं, जो सामाजिक सौहार्द और सांविधानिक मूल्यों के विरुद्ध हैं।

Nazia Ilahi Khan News: एक प्रमुख नागरिक समाज संगठन ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन को पत्र लिखकर पार्टी की एक महिला नेता के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने आरोप लगाया है कि नेता ने कथित तौर पर मुसलमानों के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिए और उनके आर्थिक बहिष्कार की अपील की।

‘सिटिजन्स फॉर फ्रेटरनिटी-भारत’ का पत्र

नागरिक संगठन Citizens for Fraternity-Bharat ने भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की पदाधिकारी बताए जाने वाली नाजिया इलाही खान के कथित भड़काऊ बयानों को लेकर यह पत्र लिखा। संगठन ने कहा कि नाजिया इलाही खान खुद को सार्वजनिक रूप से भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की पदाधिकारी के रूप में प्रस्तुत करती हैं।हालांकि, भाजपा सूत्रों ने स्पष्ट किया कि नाजिया इलाही खान पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा की कोई आधिकारिक सदस्य नहीं हैं।

पत्र में कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों के हस्ताक्षर

पत्र पर कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों के हस्ताक्षर हैं, जिनमें पूर्व दिल्ली उपराज्यपाल नजीब जंग, लोकनीति विशेषज्ञ अमोघ देव राय, कारोबारी नावेद खान, पूर्व राजनयिक अशोक शर्मा, पत्रकार जावेद एम. अंसारी, उद्योगपति सईद शेरवानी और पूर्व आईएएस अधिकारी आशीष जोशी शामिल हैं।

क्या हैं आरोप?

पत्र में आरोप लगाया गया है कि हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नाजिया इलाही खान ने मुसलमानों के आर्थिक बहिष्कार की अपील की और उन्हें सरकारी व निजी क्षेत्र की नौकरियों तथा व्यावसायिक गतिविधियों से बाहर रखने की बात कही। संगठन का कहना है कि ऐसे बयान सांप्रदायिक वैमनस्य बढ़ाते हैं और सांविधानिक मूल्यों, समानता, भाईचारा और सामाजिक सद्भाव को कमजोर करते हैं।

संगठन की मांगें

सिटिजन्स फॉर फ्रेटरनिटी-भारत ने भाजपा से मांग की है कि वह स्पष्ट करे कि नाजिया इलाही खान पार्टी में किस पद पर हैं। साथ ही उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए और जरूरत पड़ने पर पार्टी से निष्कासन तक का कदम उठाया जाए। संगठन ने यह भी मांग की है कि सक्षम अधिकारी नफरत फैलाने वाले भाषण और सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने से संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई करें।

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