चीन ने ट्रंप से कहा Nicolás Maduro को तुरंत रिहा करो वरना…

China Reaction On Nicolas Maduro Arrest: वेनेजुएला (Venezuela) की राजधानी काराकस (Caracas) में 3 जनवरी 2026 को अमेरिकी सेना ने बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक्स (Venezuela US Airstrikes) किए, जिसके बाद राष्ट्रपति निकोलस मदुरो (Nicolás Maduro Arrest) और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स (Cilia Flores) को गिरफ्तार कर अमेरिका ले जाया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने घोषणा की कि मदुरो को न्यूयॉर्क (New York) में ड्रग ट्रैफिकिंग और नारको-टेररिज्म (Nicolás Maduro Narco-Terrorism) के आरोपों में मुकदमा चलाया जाएगा। ट्रंप ने इसे “अमेरिकी इतिहास की सबसे शानदार मिलिट्री ऑपरेशन” बताया और कहा कि अमेरिका अस्थायी रूप से वेनेजुएला को “चलाएगा” ताकि सुरक्षित ट्रांजिशन सुनिश्चित हो।

यह कार्रवाई मदुरो पर लंबे समय से लगे अमेरिकी आरोपों का नतीजा है, जहां उन्हें ड्रग कार्टेल से जुड़ा बताया जाता है। ऑपरेशन में कोई अमेरिकी सैनिक हताहत नहीं हुआ, लेकिन वेनेजुएला में नागरिक इलाकों को नुकसान की रिपोर्ट्स हैं और 40 लोगों के मारे जाने की खबर है.

चीन की कड़ी निंदा: अमेरिका-चीन तनाव में इजाफा

वेनेजुएला में हुई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मदुरो तथा उनकी पत्नी को अगवा करने पर चीन (China) से अमेरिका (US) के बीच तनाव बढ़ गया है। चीन वेनेजुएला का सबसे बड़ा ऑयल खरीदार और क्रेडिटर है, और मदुरो का करीबी सहयोगी।

चीन के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि वह अमेरिकी कार्रवाई से “गहराई से स्तब्ध ” है और “कड़ी निंदा” करता है। बयान में अमेरिका की “नग्न बल प्रयोग ” को एक संप्रभु देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया गया, जो अंतरराष्ट्रीय कानून और यूएन चार्टर (UN Charter) के सिद्धांतों का स्पष्ट विरोध है।

चीन ने अमेरिका से मांग की कि वह मदुरो और उनकी पत्नी की व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करे, उन्हें “तुरंत रिहा (immediately release)” करे, वेनेजुएला की सरकार को उखाड़ने के प्रयास बंद करे और इस मुद्दे को डायलॉग से हल करे.

यह कार्रवाई ठीक उस समय हुई जब मदुरो ने चीनी दूत किउ शियाओकी (Qiu Xiaoqi) से मुलाकात की थी, जिसे चीन ने अमेरिका के लिए “उकसावा ” माना। चीनी मीडिया और विश्लेषकों ने इसे “अमेरिकी हेगेमोनी (US Hegemonic Acts)” कहा, जो लैटिन अमेरिका में शांति को खतरे में डाल रहा है। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह ताइवान (Taiwan) जैसे मुद्दों पर भी असर डालेगा, जहां चीन अमेरिकी हस्तक्षेप से सतर्क है।

न्य अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं

  • रूस (Russia On Nicolás Maduro Arrest): अमेरिकी कार्रवाई को “सशस्त्र आक्रमण (armed aggression)” कहा और मदुरो की रिहाई की मांग की।
  • ब्राजील, मैक्सिको, क्यूबा (Brazil, Mexico, Cuba): संप्रभुता उल्लंघन की निंदा की।
  • अर्जेंटीना (Argentina): राष्ट्रपति जेवियर मिलेई (Javier Milei) ने जश्न मनाया और “आजादी आगे बढ़ी” कहा।
  • यूरोपीय देश: जर्मनी और फ्रांस ने “जटिल (complex)” बताया, लेकिन मदुरो के शासन को अवैध माना।

यह घटना वैश्विक स्तर पर बहस छेड़ चुकी है – एक तरफ अमेरिका इसे “न्याय (justice)” बता रहा है, दूसरी तरफ कई देश इसे “साम्राज्यवाद (imperialism)” मान रहे हैं। वेनेजुएला में अब अंतरिम नेतृत्व और ट्रांजिशन की स्थिति है, जबकि ग्लोबल ऑयल मार्केट में उथल-पुथल की आशंका है।

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