रीवा की धरती के गौरव जनरल उपेंद्र द्विवेदी हुए सेवानिवृत्त, भारतीय सेना को दिया निर्णायक नेतृत्व

Chief Of Army Staff Upendra Dwivedi Retirement: भारतीय सेना के 30वें थल सेना प्रमुख (Chief of the Army Staff) जनरल उपेंद्र द्विवेदी (General Upendra Dwivedi) मंगलवार को अपने पद से सेवानिवृत्त हो गए। सेवानिवृत्ति से पहले उन्होंने नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल (Army Chief At National War Memorial) पहुंचकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। लगभग चार दशक तक देश की सेवा करने वाले जनरल द्विवेदी का सैन्य जीवन नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है

रीवा की मिट्टी से निकला देश का सेना प्रमुख

General Upendra Dwivedi Rewa: मध्य प्रदेश के रीवा जिले से जुड़े जनरल उपेंद्र द्विवेदी प्रदेश के पहले ऐसे सैन्य अधिकारी बने, जिन्होंने भारतीय सेना के सर्वोच्च पद तक पहुंचकर इतिहास रचा। उनका संबंध रीवा जिले के मुडिला गांव से है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में हुई। पांचवीं कक्षा के बाद उनका चयन सैनिक स्कूल, रीवा में हुआ, जहां से वर्ष 1981 में उन्होंने शिक्षा पूरी की। इसके बाद उन्होंने नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA), खड़कवासला और इंडियन मिलिट्री अकादमी (IMA), देहरादून में प्रशिक्षण प्राप्त किया तथा 15 दिसंबर 1984 को जम्मू-कश्मीर राइफल्स में अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त किया।

परिवार: सादगी और संस्कारों से मिली प्रेरणा

General Upendra Dwivedi Family: जनरल उपेंद्र द्विवेदी का परिवार हमेशा सादगी और शिक्षा को महत्व देने वाला रहा है। उनकी पत्नी सुनीता द्विवेदी विज्ञान स्नातक हैं और सामाजिक कार्यों से भी जुड़ी रही हैं। उनकी दो बेटियां हैं, जो सामाजिक संस्थाओं के साथ कार्य करती हैं। जनरल द्विवेदी स्वयं योग के नियमित साधक माने जाते हैं।

उपलब्धियों से भरा शानदार सैन्य करियर

करीब 40 वर्षों के सैन्य जीवन में जनरल द्विवेदी ने अनेक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर राइफल्स की 18वीं बटालियन की कमान संभाली, असम राइफल्स में विभिन्न अहम पदों पर कार्य किया, नॉर्दर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रहे और बाद में सेना के उप-प्रमुख (Vice Chief of Army Staff) बने। 30 जून 2024 को उन्होंने भारतीय सेना के 30वें थल सेना प्रमुख का पदभार संभाला।

अंतरराष्ट्रीय अनुभव और उच्च शिक्षा

जनरल द्विवेदी ने संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत सोमालिया में भी अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने अमेरिका के प्रतिष्ठित यूएस आर्मी वॉर कॉलेज से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया, जहां उन्हें Distinguished Fellow की उपाधि भी मिली। उनके पास रक्षा एवं प्रबंधन अध्ययन में एम.फिल. तथा रणनीतिक अध्ययन और सैन्य विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्रियां भी हैं।

सम्मान और योगदान

अपने उत्कृष्ट सैन्य योगदान के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM) और अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) सहित कई सैन्य सम्मान प्राप्त हुए। उनके नेतृत्व में भारतीय सेना ने सीमाओं पर परिचालन क्षमता, आधुनिक तकनीक के उपयोग और संयुक्त सैन्य संचालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाए। अपने विदाई संदेश में भी उन्होंने भविष्य की लड़ाइयों को संयुक्त, एकीकृत और तकनीक-आधारित बनाने पर जोर दिया।

रीवा के लिए गर्व का क्षण

जनरल उपेंद्र द्विवेदी का सेना प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त होना एक प्रशासनिक प्रक्रिया भर नहीं, बल्कि रीवा और पूरे मध्य प्रदेश के लिए गर्व से भरे एक अध्याय का समापन है। सैनिक स्कूल रीवा से निकलकर भारतीय सेना के सर्वोच्च पद तक पहुंचने वाले इस सपूत ने यह साबित किया कि छोटे शहरों और गांवों से निकली प्रतिभाएं भी देश के सर्वोच्च शिखर तक पहुंच सकती हैं।

देश उनकी सेवाओं को हमेशा सम्मान के साथ याद रखेगा, वहीं रीवा की धरती अपने इस वीर सपूत पर हमेशा गर्व करती रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *