Chaitra Purnima And Hanuman Jayanti 2026 : 2 -अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा व हनुमान जयंती का दुर्लभ संयोग-हिंदू कैलेंडर के अनुसार, पूर्णिमा (Full Moon) का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व होता है। मार्च 2026 में फाल्गुन पूर्णिमा 3 मार्च (मंगलवार) को मनाई गई। अब अगली पूर्णिमा अप्रैल 2026 में आ रही है, जो अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जयंती का संयोग बन रहा है। यह दिन भक्तों के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। इस लेख में हम इस पूर्णिमा की सटीक तिथि, चंद्रोदय का समय, पूजा के शुभ मुहूर्त और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा करेंगे।जानें मार्च 2026 के बाद अगली पूर्णिमा कब है। 2 अप्रैल 2026 को चैत्र पूर्णिमा व हनुमान जयंती का विशेष संयोग। पूर्णिमा तिथि, चंद्रोदय, पूजा मुहूर्त और महत्व विस्तार से।
पूर्णिमा तिथि और समय (Full Moon Date & Time)
- तिथि (Date)-2 अप्रैल 2026, गुरुवार
- पूर्णिमा तिथि प्रारंभ (Start)-1 अप्रैल 2026, सुबह 07:06 बजे
- पूर्णिमा तिथि समापन (End)-2 अप्रैल 2026, सुबह 07:41 बजे
(नोट: वैदिक पंचांग के अनुसार तिथि प्रारंभ व समापन के आधार पर पूर्णिमा का व्रत और पूजन 2 अप्रैल को ही किया जाता है।)
चंद्रोदय का समय (Moonrise Time)
चंद्रोदय (Moonrise): 2 अप्रैल 2026, शाम 07:07 बजे
इस समय चंद्रमा अपनी पूर्ण कला में दिखाई देगा, जो स्नान, दान और पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

पूजा का शुभ मुहूर्त (Auspicious Puja Muhurat)
शुभ मुहूर्त (Puja Time): शाम 06:39 बजे से रात 08:06 बजे तक(यह समय 1 अप्रैल से 2 अप्रैल की मध्यरात्रि के आधार पर निकाला गया है।) इस मुहूर्त में भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और हनुमान जी की पूजा करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है।
धार्मिक महत्व (Religious Significance)
इस दिन चैत्र पूर्णिमा होने के कारण यह वर्ष की पहली पूर्णिमा (हिंदू नव वर्ष के आरंभ में) मानी जाती है। साथ ही, यह दिन हनुमान जयंती के रूप में मनाया जाता है, जिसमें भगवान हनुमान के जन्मोत्सव की धूम रहती है। मान्यता है कि इस दिन सत्यनारायण व्रत, दान-पुण्य और चंद्र दर्शन से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)-मार्च 2026 के बाद यानी अप्रैल 2026 में आने वाली यह पूर्णिमा चैत्र मास की है और हनुमान जयंती के रूप में भी जानी जाती है। 2 अप्रैल 2026, गुरुवार को चंद्रोदय शाम 7:07 बजे होगा और पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6:39 से 8:06 बजे तक रहेगा। इस अवसर पर व्रत, पूजा और दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। तो अपने कैलेंडर में इस तारीख को अवश्य नोट करें और इस पुण्यदायी दिन का लाभ उठाएँ।
